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संविधान हमारा मार्गदर्शक है, हमारा मूल ग्रन्थ है  - राज्यपाल
January 30, 2020 • Yogita Mathur • STATE
                 
अम्बेडकर नगर, 30 जनवरी। राज्यपाल  कलराज मिश्र ने कहा कि यह समारोह गत बीस वर्षों से लगातार हो रहा है। मुझे भी प्रत्येक वर्ष यहां आने का मौका मिला है। आज यह स्थान सभी के लिए सुगम हो गया है। आज से बीस वर्ष पूर्व जब मैं यहां आया था, तब यहां न सड़क थी और न ही आवागमन के साधन थे। लेकिन धीरे - धीरे सभी के सामूहिक प्रयासों से यहां सभी सुविधाएं हो गई है।
 
राज्यपाल  मिश्र गुरूवार को उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर स्थित चन्दौका ,भीटी में फूलादेवी चन्द्रधर मिश्र महाविद्यालय में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
 
राज्यपाल  मिश्र ने कहा कि गत 26 नवम्बर को पूरे देश में 70 वां संविधान दिवस मनाया गया। आपको बताना चाहता हूँ कि संविधान हमारा मार्गदर्शक है। हमारा मूल ग्रन्थ है।
 
राज्यपाल  मिश्र ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में राष्ट्र की मूल भावना का उल्लेख है। संविधान ने हमें मौलिक अधिकार दिये हैं। संविधान के अनुच्छेद 51 क में हमारे द्वारा किये जाने वाले कर्तव्यों को परिभाषित किया गया है। मौलिक अधिकार और कर्तव्य, यह दोनों ही संविधान के प्रमुख स्तम्भ हैं। मौलिक अधिकारों की तो हम बात करते हैं, लेकिन आवश्यकता है कि हम हमारे कर्तव्य को जानें, समझें और उनके अनुरूप ही अपना कार्य और व्यवहार करें।
 
राज्यपाल  मिश्र ने कहा कि आप लोग युवा हैं। राष्ट्र निर्माण में आपको महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। इसलिए संविधान में प्रदत्त कर्तव्यों को आप लोग आचरण में लाकर आगे बढ़ें। यदि हम सभी ने ऎसा प्रयास किया तो निश्चय तौर पर भारत देश को आगे बढ़ाने में और स्वयं के जीवन को भी प्रोनन्त करने में यह कदम बेहतरीन साबित होगा। आमजन को संविधान की जानकारी होना आवश्यक है। राष्ट्रीय एकता, अखण्ड़ता व सामाजिक समरसता के लिए कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।