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सहमत होने पर ही कर्ज माफी
February 14, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

जयपुर, 14 फरवरी। सहकारिता मंत्री  उदय लाल आंजना ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि राष्ट्रीयकृत बैंक राज्य सरकार के अधीन नहीं हैं इसलिए एक मुश्त समाधान योजना के लिए इन बैंकों के सहमत होने पर ही कर्ज माफी का काम किया जा सकता है।

 
 आंजना प्रश्न काल में विधायकों द्वारा पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने  कहा कि ऋण माफी के लिए राज्य सरकार द्वारा समिति का गठन किया गया है तथा इसकी तीन बैठके भी संपन्न हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के बैंक ऋण बकाया के कारण कृषि भूमि कुर्की के आदेश जारी किए गये हैं, उनमें विभाग द्वारा दिये गये आंकडाें में यदि कोई गड़बड़ी है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
 
  इससे पहले  आंजना ने विधायक श्री गिरधारी लाल के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि श्रीडूंगरगढ़ विधान सभा क्षेत्र में 840 किसानों को बैकों का ऋण नहीं चुकाने के कारण कृषि भूमि कुर्की के आदेश जारी किए गए।  जिनका नामवार, ग्रामवार विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।
 
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अल्पकालीन, मध्यकालीन, दीर्घकालीन ऋण माफी योजना वर्ष 2018 व 2019 घोषित की गई है, जिसमें अत्यंत जरूरतमंद पात्र लघु व सीमान्त कृषकों को जो सहकारी बैकों के ऋणी है, को ऋणमाफी का लाभ दे दिया गया है तथा वाणिज्य एवं ग्रामीण बैकों के ऋणी किसानों की ऋण माफी बाबत एक मुश्त समाधान योजना लाने बाबत एक कमेटी का गठन किया गया, जिसकी रिपोर्ट आने पर आवश्याक कार्यवाही की जावेगी ।