ALL NATIONAL WORLD RAJASTHAN POLITICS HEALTH BOLLYWOOD DHARMA KARMA SPORTS BUSINESS STATE
राजस्थान में 11 हजार जांचें, 10542 नेगेटिव
April 5, 2020 • Yogita Mathur • HEALTH
 
जयपुर Jaipur , 05 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य में कोरोना के लिए पर्याप्त मात्रा में जांचें हो रही हैं। राजस्थान केरल के बाद पहला ऎसा राज्य है जहां सर्वाधिक जांचें हुई हैं। उन्होंने बताया कि आदिनांक तक 11 हजार 136 लोगों की जांचें हो चुकी है एवं 412 प्रक्रियाधीन है। कोरोना संक्रमण की थोड़ी भी आशंका होने पर स्क्रीनिंग कर जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग और सरकार कोरोना के संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।
 
25 से ज्यादा से लोग उपचार से हुए नेगेटिव
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि रविवार सुबह तक 210 केसेज पॉजीटिव चिन्हित किए गए हैं। चिकित्सकों की मदद से इनमें 25 से ज्यादा नेगेटिव हो गए हैं । उन्होंने कहा कि कोरोना से हुई मौतो में ज्यादातर उम्रदराज और किडनी, हार्ट, डायबिटीज सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियो की हुई है। इनमे से अधिकांश गंभीर हालात में अस्पतालों में भर्ती हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, एन-95 मास्क, थ्री लेयर मास्क सहित समस्त सामग्री पर्याप्त संख्या और मात्रा में उपलब्ध है।
 
पौने 5 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी, कोई भी नहीं रहेगा अछूता
 
डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा एक्टिव सर्विलांस के अब तक तहत 1 करोड़ 11 लाख परिवारों के 4.75 करोड़ लोगों का अब तक सर्वे और प्राथमिक तौर पर स्क्रीनिंग हो चुकी है। थोड़े से भी लक्षण दिखते ही उसकी जांच करवाई जा रही है। कोशिश है कि प्रदेश के शत-प्रतिशत लोगों की स्क्रीनिंग हो जाए ताकि कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोका जा सके।
 
रैपिड टेस्टिंग किट आने के बाद आएगी और तेजी
 
डॉ. शर्मा ने कहा कि आईसीएमआर ने 12 कंपनियों को रैपिड टेस्टिंग किट बनाने के लिए अधिकृत किया है। जल्द ही राज्य को रैपिड टेस्टिंग किट उपलब्ध हो जाएगी और सीरो सर्विलांस के तहत महत्वपूर्ण स्थलों की सघन रैंडम सैंपलिंग की जाएगी । इससे कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर लगाम लगाई जा सकेगी।
 
निराश्रितों का डेटा लेकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा  
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी जिला कलक्टर्स को अपने-अपने जिलों के भिखारी, कचरा एकत्रित करने वाले, बेघर, निराश्रित और तकलीफशुदा लोगों को डेटा तैयार किया जा रहा है, ताकि सरकार द्वारा बनने वाली पॉलिसी में इन्हें स्थाई तौर पर शामिल कर उनका ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि डेटा एकत्रित होने के बाद बीपीएल, पेंशनधारियों, तकलीफशुदा लोगों को दिया जा रहा पैकेज में इन्हें शामिल कर लिया जाएगा। इससे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी यह वर्ग अछूता नहीं रहेगा।