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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में भुगतान केन्द्र से राशि नहीं आने के कारण अटका
February 14, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

 

 

 
 
जयपुर, 14 फरवरी। सहकारिता मंत्री  उदयलाल अांजना ने शुक्रवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में काश्तकारों का भुगतान आधार सत्यापन के कारण नहीं बल्कि केन्द्र द्वारा राशि नहीं दिये जाने के कारण अटका है।
 
अंजना प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होेंने कहा कि योजना के अन्र्तगत विभाग द्वारा प्रत्येक 15 दिनों में लगातार कैंप लगाकर आधार कार्ड का सत्यापन किया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि यह एक स्वैच्छिक योजना ह,ै किसानों के आधार कार्ड का सत्यापन किसानों के कैंप में आने पर निर्भर करता है, इस कारण विलम्ब हो रहा है फिर भी सरकार अपने स्तर पर सत्यापन का लगातार प्रयास कर रही है। 
 
उन्होंने कहा कि योजना की प्रथम किश्त का भुगतान किसानों को हो चुका है तथा दूसरी किश्त का भुगतान केन्द्र द्वारा राशि नहीं आने के कारण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि योजना के अन्र्तगत राशि सीधे किसानों के खाते में आती है, लेकिन किसानों को भुगतान आधार के सत्यापन के अभाव में नहीं बल्कि केन्द्र द्वारा राशि नहीं आने के अभाव में अटका है। 
 
इससे पहले  आंजना ने विधायक  राजेन्द्र राठौड़ के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए बताया कि  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना स्वैच्छिक है एवं योजनान्तर्गत आवेदन करना कृषक की इच्छा पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी 2020 तक 67 लाख 10 हजार 471 कृषकों द्वारा आवेदन किया गया है।  जिला स्तर पर कार्यरत राजस्व अधिकारियों द्वारा सत्यापन करने के उपरान्त 63 लाख 41 हजार 441 आवेदन पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड किये जा चुके है। उन्हांंेने बताया कि भारत सरकार स्तर पर पीएम-किसान पोर्टल पर अपलोड किये गये आवेदन पत्रों के विरूद 62 लाख 54 हजार 316 कृषकों के आवेदन पत्रों की जांच की जा चुकी है। शेष आवेदन पत्रों की जांच होना भारत सरकार के स्तर पर बकाया है।
 
सहकारिता मंत्री ने बताया कि 50 लाख 20 हजार 4 कृषकों का आधार वेरिफिकेशन हो चुका है। शेष कृषकों का आधार वेरिफिकेशन कार्य प्रक्रियाधीन है, जो कृषक की इच्छा पर निर्भर है। आधार सत्याापन हेतु जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इसका विवरण सदन के पटल पर रखा।
 
उन्होंने बताया कि उक्त योजना के अन्तर्गत 6 फरवरी 2020 तक 47 लाख 32 हजार 573 किसानों को प्रथम किश्त, 46 लाख 50 हजार 480 किसानों को द्वितीय किश्त, 36 लाख 51 हजार 284 किसानों को तृतीय किश्त एवं 15 लाख 85 हजार 995 किसानाें को चतुर्थ किश्त से लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि सत्यापन से शेष रहे 1 लाख 75 हजार 404 कृषकों के आवेदन पत्रों का सत्यापन प्रक्रियाधीन है। सत्यापन का शेष कार्य शीघ्र ही करवाया जा रहा है एवं शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जावेगा।