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मुख्यमंत्री ने विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ बातचीत की ।
April 8, 2020 • Yogita Mathur • STATE

चंडीगढ़ Chandigarh , 8 अप्रैल: कोविड -19 के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, आप और सी.पी.आई. समेत विभिन्न पार्टियों के सीनियर नेताओं के साथ बातचीत करके मौजूदा संकट के कारण पैदा हुई स्थितियों के हर पहलू पर विचार किया और धीरे-धीरे सामान्य स्थिति यकीनी बनाने के लिए किए जाने वाले उपायों के लिए सुझाव भी माँगे।

मुख्यमंत्री Chief Minister Captain Amarinder Singh ने प्रदेश कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ के नेतृत्व में कांग्रेसी विधायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद क्रमवार फ़ोन कॉल के द्वारा शिरोमणि अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल और सुखदेव सिंह ढींडसा, विरोधी पक्ष के नेता और आप नेता हरपाल सिंह चीमा और सी.पी.आई. के हरदेव सिंह अर्शी के साथ बातचीत भी की।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सभी पार्टियों के नेताओं ने राज्य सरकार द्वारा कोविड -19 के खि़लाफ़ किये जा रहे संघर्ष का समर्थन करते हुए इस समस्या से निपटने के लिए सरकार द्वारा की जा रही कोशिशों के साथ मुख्य तौर पर सहमति अभिव्यक्त की। शिरोमणि अकाली दल के नेता राज्य में सरकारी मशीनरी के द्वारा और खाद्य संबंधी पैकेट को बाँटने के हक में थे। मुख्यमंत्री ने सभी विरोधी पार्टियों के नेताओं को अपनी सरकार द्वारा हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया।

पंजाब कांग्रेस ने राज्य और लोगों के हित में मुख्यमंत्री को कोई भी फ़ैसला जो उनको उचित लगता हो, लेने के लिए पूरी तरह अधिकारित किया।

मुख्यमंत्री ने कोविड -19 की आगे बढ़ती स्थिति पर चेतावनी देते हुए बताया कि विश्व स्तर पर सुझाए जा रहे आंकड़े बता रहे हैं कि स्थिति कोई अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि जल्दी लागू किये लॉकडाउन / कफ्र्यू के चलते भारत अभी तक दूसरे प्रगतिशील मुल्कों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है परन्तु हम इस मौके पर कोई भी लापरवाही नहीं बरत सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वह सब लोगों के हितों को ध्यान में रख कर लिए जा रहे हैं। यह कदम अनिर्धारित संकट से निपटने के लिए बहुत ही ज़रुरी थे।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कांग्रेसी विधायकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बातचीत करते हुए कोविड-19 के मौजूदा आंकड़े साझे किये। उन्होंनेे बताया कि पंजाब में मामलों में अचानक वृद्धि का कारण निज़ामूद्दीन (दिल्ली) में हुई तबलीग़ी जमात की घटना के नतीजे के तौर पर बढ़े हैं क्योंकि उनमें से राज्य में 573 लोग दाखि़ल हो गए थे। इनमें से 38 को छोडक़र बाकी सभी को ढूँढ लिए गए हैं।

प्रवासी पंजाबियों की आलोचना संबंधी विधायक फतेहजंग सिंह बाजवा द्वारा ज़ाहिर की गई चिंता के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको बदनाम करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने प्रवासी पंजाबियों से अपील की कि वह डरें नहीं बल्कि अपने विदेशी दौरे संबंधी खुलासा करने के लिए आगे आएं। उन्होंने प्रवासी पंजाबियों को आश्वासन दिया कि उनको परेशान नहीं किया जायेगा। इससे पहले श्री बाजवा ने कहा कि एन.आर.आईज़., पंजाब की जीवनधारा हैं और राज्य की आर्थिकता में इनका बड़ा योगदान है।

वीडियो कॉन्फें्रसिंग के दौरान पंजाब कांग्रेस के प्रमुख सुनील जाखड़ और विधान सभा के स्पीकर राणा के.पी. सिंह ने संकट की इस घड़ी से निपटने के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उनको बधाई दी। जाखड़ ने कहा कि इस मसले पर आने वाले दिनों में सरकार द्वारा लिए जाने वाले किसी भी फ़ैसले का पार्टी पूरा समर्थन करेगी।

स्पीकर ने  जाखड़ की ताईद करते हुए कहा कि लोगों की जि़न्दगियां बचाने के लिए सरकार द्वारा जो भी कदम उठाए जाएंगे पार्टी के साथ-साथ पंजाब के नागरिक उसका पूरा समर्थन करेंगे। उन्होंने महामारी को काबू करने और राज्य में इस रोग के फैलाव को रोकने के लिए कफ्र्यू लगाकर कायम की गई मिसाल के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की, क्योंकि हाल ही के हफ़्तों के दौरान लगभग 1.5 लाख एन.आर.आईज़ और बुरी तरह से प्रभावित मुल्कों से कुछ और लोगों के आने के बावजूद इस रोग पर नियंत्रण पाने के लिए असरदार ढंग से कदम उठाए गए। उन्होंने प्रभावित लोगों को ढूँढने और कफ्र्यू की बंदिशों को अमल में लाने के लिए किये जा रहे यत्नों में नम्बरदारों को भी शामिल करने का सुझाव दिया।

जब कुछ विधायकों ने यह कहा कि जरूरतमंद लोगों तक राशन नहीं पहुँच रहा है तो मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग को सुखा राशन बाँटने की कोशिशें और तेज करने के लिए कहा। अमृतसर से विधायक इन्दरबीर सिंह बोलेरिया ने कहा कि मुश्किल इस कारण आ रही है क्योंकि सूखे राशन के लिए माँग और सप्लाई में बड़ा अंतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले तो कुछ देर हुई थी क्योंकि मार्कफैड से दाल की पूरी सप्लाई नहीं थी परन्तु अब सब कुछ ठीक है और 10 लाख पैकटों में से 6 लाख पैकेट बाँटे जाने की प्रक्रिया अधीन हैं। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि सुखा राशन सिर्फ उन लोगों को ही मिलेगा, जिनके पास नीले कार्ड नहीं हैं।

विधायकों ने यह भी सुझाव दिया कि सूखे राशन में चायपत्ती और मिर्च-मसाले भी शामिल किये जाएँ और पैकेटों की संख्या 15 लाख तक बढ़ाई जाये। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य में किसी को भी भूखा नहीं रहने दिया जायेगा और यदि जरूरत हुई तो पैकटों की संख्या और बढ़ाई जायेगी।

कुछ विधायकों के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आने वाले कटाई और खरीद सीजन के लिए पूरी तरह तैयार है जिसके लिए लगभग 3800 मंडियां स्थापित की जा रही हैं और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से सी.सी.एल. भी प्राप्त कर ली गई है। उन्होंने चिंता जाहिर की कि मंडियों में अपनी उपज देरी से लाने के बदले किसानों को बोनस देने के लिए राज्य द्वारा सुझाए गए प्रोत्साहन मूल्य को केंद्र द्वारा अभी तक मंजूरी नहीं दी गई। बारदाने की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य के पास जरुरी बारदाने का 72 प्रतिशत उपलब्ध है और बाकी पश्चिमी बंगाल से लेने के लिए यत्न किये जा रहे हैं परन्तु यदि यह समय पर नहीं मिलता तो पी.पी. थैलों का प्रयोग किया जायेगा।

हरमिन्दर सिंह गिल (तरन तारन) ने मौजूदा संकट से निपटने के लिए पुलिस की मिसाली भूमिका की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य सहूलतों को और मजबूत करने की माँग की। संगत सिंह गिलजिया (होशियारपुर) ने कटाई के लिए मजदूरों के लिए बिहार से विशेष रेल गाड़ीयाँ चलाने और सरपंचों के जरिये बुढ़ापा पैंशन घर-घर जाकर देने का सुझाव दिया। परमिन्दर सिंह पिंकी (फिरोजपुर) ने भी कटाई के लिए मजदूरों की कमी होने का अंदेशा जाहिर किया।

पिंकी, कुलजीत सिंह नागरा (फतेहगढ़ साहिब), दलवीर सिंह गोल्डी (संगरूर) और फतेहजंग सिंह बाजवा समेत कई विधायकों ने कुछ छूटों के साथ कफ्र्यू / लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की बात कही। राजा वडि़ंग ने कहा कि सरकार के द्वारा सख्ती में कोई ढील नहीं होनी चाहिए और उन्होंने डेरों द्वारा सरकार को दी सहायता की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने उनको विश्वास दिलाया कि आने वाले दिनों में कफ्र्यू और बंदिशों संबंधी कोई फैसला लेते समय उनके विचारों को ध्यान में रखा जायेगा।