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मुख्यमंत्री का बजट भाषण 2020—2021
February 20, 2020 • Yogita Mathur • NATIONAL

जयपुर, 20 फरवरी । राजस्थान विधान सभा में आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वर्ष 2020.2021 का बजट पेश किया ।
 मुख्यमंत्री का बजट भाषण ज्यों का त्यों दिया जा रहा है । आपके लिए ।

माननीय अध्यक्ष महोदय, आपकी अनुमति से मैं, राज्य के वर्ष 2019--20 के संशोधित अनुमान एवं वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान प्रस्तुत कर रहा हूँ

2. बजट, वर्तमान और आगामी वर्ष का वित्तीय विवरण तो पेश करता ही है, साथ ही यह सरकार का आर्थिक एजेंडा भी तय करता हैहमारी सरकार की वित्तीय नीतियां एवं प्राथमिकतायें क्या हों, इसके लिए हमने कृषकों-पशुपालकों, महिलाओं, छात्रों-युवाओं, औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों, सिविल सोसायटी आदि के सुझावों और विचारों को ध्यान में रखकर एक समावेशी बजट बनाने का प्रयास किया है

3. प्रदेश के समग्र विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए, आने वाले वर्ष में हम कौन-कौन से दूरगामी कदम उठाना चाहते हैं, इसका ब्यौरा देने से पहले यह समीचीन है कि मैं, देश की आर्थिक स्थिति की एक सच्ची तस्वीर आपके सामने पेश करूं। इसका जिक्र करने का कारण यह भी है कि, हमारी संघीय व्यवस्था में राज्यों की वित्तीय स्थिति काफी हद तक केन्द्र सरकार की नीतियों एवं निर्णयों पर निर्भर करती है। आज देश की अर्थव्यवस्था के अधिकतर सूचकांक यह संकेत दे रहे हैं कि वर्तमान में अर्थव्यवस्था बुरे दौर से गुजर रही है।

4. विश्व बैंक, IMF एवं ADB ने विकास दर के अनुमानों को downgrade किया है। स्वयं केन्द्र सरकार के आर्थिक सर्वे 2019-20 के अनुसार देश की जीडीपी ग्रोथ 5 प्रतिशत अनुमानित है। देश में बेरोजगारी की दर वर्ष 2017-18 में पिछले 45 वर्षों में सर्वाधिक 6.1 प्रतिशत दर्ज की गयी हैलम्बे समय बाद उपभोक्ता मांग घटी है। आईआईपी (Index of Industrial Production), manufacturing एवं construction sectors के आँकड़े भी निराशाजनक हैं। महंगाई की दर दिसंबर, 2019 में 7.35 प्रतिशत दर्ज हुई है। यहां तक कि कृषि की भी विकास दर थम-सी गई है। उपर्युक्त सभी आँकड़ों से यह स्पष्ट है कि देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है।

“नोटबंदी से बर्बादी पर वो बोलते नहीं जीएसटी के झटकों पर मुँह खोलते नहीं, उनके आँकड़े ही दिखाते हैं उन्हें आईना वो फिर भी मुकर कर सच को तौलते नहीं।'

5. केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण राजस्व में जो गिरावट आ रही है, उसके खामियाजे के रूप में हमारे प्रदेश को जो share in central taxes मिलता है उसमें 10 हजार 362 करोड़ रुपये काटे जा रहे हैं। केन्द्र सरकार तो कई तरीकों से धन जुटा लेती है, जैसे RBI से रुपये लेकर, Air India-BPCL में विनिवेश करके, LIC में हिस्सेदारी कम करके जबकि राज्यों के पास कोई विकल्प नहीं है

6. लेकिन, मैं इन चुनौतियों के बावजूद भी माननीय सदन को यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि राष्ट्रपिता का यह कथन 'मेरी यह प्रबल कामना है कि हर आंख का हर आंसू पोंछ सकू' मुझे हर पल प्रेरित करता रहेगाक्योंकि हमें एहसास है कि प्रदेशवासियों ने विश्वास करके मुझे तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की सेवा करने का अवसर दिया है। इसलिए, इस बजट में हमने कोशिश की है, कि विकास की राह बाधित ना हो

7. पिछली सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण हमें विरासत में लगभग 3 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का कर्ज तो मिला ही है, इसके साथ ही,

लगभग 13 हजार करोड़ रुपये के स्वीकृत किये गये कार्यों के भुगतान का भार भी हमारी वर्तमान सरकार पर छोड़ दिया गया, जिसके चलते कुछ विभागों के संवेदकों (contractors) के बकाया बिलों के भुगतान समय पर नहीं हो पाये।

8. गत बजट में हमने जन-घोषणा पत्र में लिये गये संकल्पों की दिशा में कई बड़े कदम उठाये थे-किसानों के लिए 1 हजार करोड़ रुपये का कृषक कल्याण कोष, सहकारी ऋण माफी, घर के पास स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता क्लिनिक, महिलाओं के उत्थान के लिए 1 हजार करोड़ रुपये की इंदिरा महिला शक्ति निधि, एक लाख युवाओं को कुल 1 हजार करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना, प्रदेश के निवासियों के लिए राजस्थान जन-आधार योजना और राज्य में पहली बार विराट सफलता के साथ आयोजित हुए राज्य खेल, इनके उदाहरण हैं। हमने इस बजट में भी ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

9. अध्यक्ष महोदय, हमारे लिए सम्पूर्ण राजस्थान एक परिवार की तरह है और इस परिवार के लिए मैं, सात संकल्पों को इस बजट की प्राथमिकताएं बनाना चाहता हूँ :पहला संकल्प . - निरोगी राजस्थान दूसरा संकल्प - संपन्न किसान तीसरा संकल्प - महिला, बाल एवं वृद्ध कल्याण चौथा संकल्प ___ - सक्षम मजदूर, छात्र-युवा-जवान पांचवा संकल्प - शिक्षा का परिधान छठा संकल्प - पानी, बिजली व सड़कों का मान सातवां संकल्प - कौशल व तकनीक प्रधान

पहला संकल्प-निरोगी राजस्थान 'पहला सुख-निरोगी काया' की हमारी सदियों पुरानी मान्यता को आगे रखते हुए हम, यह बजट स्वस्थ राजस्थान को समर्पित करते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी कहा है कि “यह स्वास्थ्य ही है जो हमारा असली धन है, सोने और चांदी का मूल्य इसके सामने कुछ नहीं" निरोगी राजस्थान के प्रथम संकल्प को पूरा करने के लिए हमारी कार्ययोजना सदन के सामने रखी जा रही है

चिकित्सा एवं स्वास्थ्यः

10. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़े सभी विभागों के लिए वर्ष 2020-21 में हमने कुल 14 हजार 533 करोड़ 37 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

11. प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध करवाने के क्रम में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना, निःशुल्क जांच योजना, जनता क्लिनिक, आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा आदि योजनायें हमारी इस प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इसी कड़ी में, हमने दिसंबर 2019 से निरोगी राजस्थान अभियान प्रारंभ किया है। इसके माध्यम से हमारी कोशिश रहेगी कि बीमारियों के prevention पर फोकस किया जाये। इस अभियान को गति प्रदान करने के लिए मैं, 100 करोड़ रुपये के निरोगी राजस्थान प्रबंधन कोष' के गठन की घोषणा करता हूँ, जिसके उपयोग के लिए दिशा-निर्देश अलग से जारी किये जायेंगे साथ ही, इस कोष में से प्रत्येक जिले को 1 करोड़ रुपये अभियान प्रबंधन, प्रचार-प्रसार, परिचर्चा एवं गोष्ठियों के आयोजन हेतु दिये जायेंगे

12. जैसाकि आप जानते हैं कि समस्त प्रांतवासियों को निरोगी रहने के लिए सही जीवनशैली अपनाने में सक्षम करना ही हमारे इस अभियान का मूल मंत्र है। अगले वर्ष सम्पूर्ण राजस्थान के नागरिकों का digital health survey किये जाने का निर्णय लिया गया हैइसके साथ ही, राज्य में समय पर निःशक्तता की पहचान के लिए सरकार, जिला स्तर पर Early Intervention Centre की स्थापना करेगी, जिससे समय पर ईलाज प्रारंभ हो सके।

13. राज्य के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो तथा वह स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सके इस हेतु, मिलावटखोरों के विरूद्ध कड़े कदम उठाये जायेंगे, जिसके तहत पृथक् से एक ऑथोरिटी के गठन की घोषणा करता हूँ ताकि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा सके। मिलावटी पदार्थों की जांच के लिए प्रत्येक जिले में लैब का भी गठन किया जायेगा, जिसमें नमूने की रिपोर्ट online दी जायेगी। साथ ही, मिलावटखोरों के विरूद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई हेतु अलग से Fast Track Courts स्थापित की जायेंगी

14. हमारे द्वारा प्रारंभ की गयी निःशुल्क दवा योजना एवं निःशुल्क जांच योजना ने देशभर में एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिनकी सराहना देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी हुई हैप्रदेश के सम्पूर्ण चिकित्सा परिवार के लिए यह सम्मान की बात है। इसके लिए मैं राज्य के सभी चिकित्सकों, नर्सिंगकर्मियों, फार्मासिस्टों एवं संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देता हूँसाथ ही, आह्वान करता हूँ कि वे इस बजट के हमारे पहले संकल्प 'निरोगी राजस्थान के सपने को साकार करने में अपना पूर्ण योगदान दें।

15. पीपाड़ सिटी एवं फलोदी के राजकीय अस्पताल को जिला चिकित्सालय का दर्जा दिया जायेगा ! राजकीय चिकित्सालय, औसियां में मदर एण्ड चाईल्ड केयर सेंटर खोला जायेगासाथ ही, सांचोर जिला जालोर, तारानगर जिला चूरू, सोजत जिला पाली, लोहावट, बालेसर एवं भोपालगढ़ जिला जोधपुर के राजकीय अस्पतालों में ट्रोमा सेंटर खोले जायेंगे16. हाल ही में हमने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना में कैंसर, किडनी एवं लीवर की दवाईयों को भी शामिल कर निःशुल्क दवाईयों की संख्या 709 कर दी हैराज्य में कैंसर की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए Cancer Registry System प्रारम्भ किया जायेगा। इसमें राजकीय एवं निजी अस्पतालों में कैंसर के मरीजों का पंजीयन अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में कैंसर रोगियों को ईलाज हेतु उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा।

16. हाल ही में हमने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना में कैंसर, किडनी एवं लीवर की दवाईयों को भी शामिल कर निःशुल्क दवाईयों की संख्या 709 कर दी हैराज्य में कैंसर की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए Cancer Registry System प्रारम्भ किया जायेगा। इसमें राजकीय एवं निजी अस्पतालों में कैंसर के मरीजों का पंजीयन अनिवार्य होगा, जिससे भविष्य में कैंसर रोगियों को ईलाज हेतु उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा। 17. राज्य में जहां भी पीपीपी मोड संभव होगा, वहां के जिला चिकित्सालयों में MRI / CT-Scan सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। इसके साथ ही जयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर में कैंसर की जांच हेतु PET CT Scan मशीन उपलब्ध करवाई जायेगी।

17. राज्य में जहां भी पीपीपी मोड संभव होगा, वहां के जिला चिकित्सालयों में MRI / CT-Scan सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। इसके साथ ही जयपुर, जोधपुर एवं बीकानेर में कैंसर की जांच हेतु PET CT Scan मशीन उपलब्ध करवाई जायेगी। 18. राज्य के 150 चिकित्सा संस्थानों में डेन्टल चेयर विद एक्स-रे मशीन की स्थापना की जायेगी, इनके संचालन के लिए पृथक् से गाईड लाइन जारी की जायेगी।

18. राज्य के 150 चिकित्सा संस्थानों में डेन्टल चेयर विद एक्स-रे मशीन की स्थापना की जायेगी, इनके संचालन के लिए पृथक् से गाईड लाइन जारी की जायेगी।

19. प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नये Sub-Centre, PHC, CHC खोलने अथवा इनके क्रमोन्नयन के लिए criteria तय किया जायेगा। भविष्य में चिकित्सा संस्थान criteria के आधार पर खोले अथवा क्रमोन्नत किये जायेंगे, जिससे निरोगी राजस्थान कार्यक्रम को मजबूती मिले और डाक्टर व स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके

20. प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध करवाने के क्रम में, कुल 1 हजार बेड बढ़ाये जाने की मैं घोषणा करता हूँचिकित्सा शिक्षाः

21. गत बजट में मैंने श्रीगंगानगर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बूंदी एवं चित्तौड़गढ़ में नवीन मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की थी। यह बताते हुए खुशी है कि उक्त 6 मेडिकल कॉलेज सहित कुल 15 नवीन मेडिकल कॉलेज स्वीकृत हो चुके हैं । इन सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी हैअगले 4 वर्षों में इन कॉलेजों का निर्माण पूर्ण किया जायेगा, जिस पर लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का व्यय होगा। इसमें केन्द्र सरकार की 60 प्रतिशत भागीदारी लगभग 3 हजार करोड़ रुपये व राज्य सरकार की 40 प्रतिशत भागीदारी लगभग 2 हजार करोड़ रुपये होगी

22. मुझे सदन को बताते हुए खुशी है कि राज्य का पहला एवं दूसरा हार्ट ट्रांसप्लांट SMS Hospital, Jaipur में किया गया है। इसके लिए मैं चिकित्सकों की टीम को बधाई देता हूँ। वर्तमान में SMS Hospital, Jaipur एवं मथुरा दास माथुर चिकित्सालय, जोधपुर अंग प्रत्यारोपण के लिए अधिकृत हैं। साथ ही, अब उदयपुर, कोटा, अजमेर एवं बीकानेर के चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध मुख्य चिकित्सालयों को Organ Retrieval Centre के रूप में विकसित एवं अधिसूचित किया जायेगा 

23. सवाईमानसिंह चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर में लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा प्रारंभ करने के लिए गेस्ट्रोसर्जरी विभाग की स्थापना की जायेगीइसके लिए Institute of Liver and Biliary Sciences, New Delhi के साथ MoU किया जा चुका है। साथ ही, आगामी वर्ष में यहां अंग प्रत्यारोपण विभाग भी प्रारंभ किया जायेगा, जिसके लिए सर्जिकल गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी (Gastroenterology) के सहायक आचार्य के 4 पद स्वीकृत किये गये हैंइसके अलावा महाविद्यालय में जूनियर रेजिडेंट के 69 पदों को सीनियर रेजिडेंट में क्रमोन्नत किया जायेगा

24. जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में गत वर्ष कैथलैब की स्थापना की गयी थी। आगामी वर्ष में यहां पिडियाट्रिक कैथलैब की स्थापना की जायेगी

25. SMS Hospital, Jaipur में वर्तमान कॉटेज वार्ड के स्थान पर G+ 8 मंजिला नया आईपीडी भवन बनाया जाना प्रस्तावित है। इस भवन में कॉटेज वार्ड के साथ-साथ सामान्य वार्ड सुविधा विकसित की जायेगी। दो वर्ष में पूर्ण होने वाले इस कार्य पर 28 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

26. सवाई मानसिंह चिकित्सालय, जयपुर में न्यूक्लीयर मेडिसिन विभाग की स्थापना की जायेगी। इस पर दो वर्षों में 20 करोड़ रुपये का व्यय होगा। साथ ही, ब्रेन ट्यूमर सेरिब्रल एन्जीयोग्राफी एवं stenting के रोगियों के ईलाज के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से DSA (Digital Subtraction Angiography) मशीन स्थापित की जायेगी

27. जयपुर में कैंसर के उपचार के लिए उच्च श्रेणी का अस्पताल राज्य कैंसर संस्थान बनकर तैयार है, इसमें हाल ही में ओपीडी प्रारंभ कर दिया गया है इसे अगले वित्तीय वर्ष में संपूर्ण आधुनिक उपकरणों यथा लीनियर एक्सीलेटर, मोड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के साथ सुचारू रूप से चलाया जायेगा। इस संस्थान के बेहतर प्रबंधन के लिए सहायक आचार्य मेडिकल ऑन्कोलोजी के 3, सहायक आचार्य रेडियोलोजी के 2 एवं सहायक आचार्य Dental and Prosthetics Head and Neck Cancer Surgery का एक पद सृजित किया जायेगा।

28. . मथुरा दास माथुर चिकित्सालय, जोधपुर के OPD ब्लॉक के शेष फ्लोर का निर्माण करवाया जायेगा, जिस पर लगभग 46 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी अस्पताल में 30-30 बेड के 4 नये वार्ड खोले जायेंगे, जिस पर लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक नया न्यूरो इंटरवेंशन लैब भी बनाया जायेगा । इसके अतिरिक्त, यहां क्षेत्रीय कैंसर सेंटर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जायेगा, जिस पर लगभग 10 करोड़ रुपये का व्यय होगाआयुर्वेद:

29. वर्तमान में प्रदेश में एक भी राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय नहीं हैअतः अजमेर एवं जोधपुर में राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय स्थापित किया जाना प्रस्तावित हैइस पर लगभग 18 करोड़ रुपये का खर्च संभावित है

30. सीकर जिला मुख्यालय पर 50 शैय्याओं के एकीकृत आयुष चिकित्सालय की स्थापना की जायेगी। इस पर 4 करोड़ 50 लाख रुपये का व्यय होगा।

31. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में नवीन पीजी महिला छात्रावास एवं वर्तमान स्नातक छात्रावास का निर्माण/ विस्तार किया जाना प्रस्तावित हैदूसरा संकल्प-संपन्न किसान अध्यक्ष महोदय, मैंने पिछले बजट में 1 हजार करोड़ रुपये के कृषक कल्याण कोष की घोषणा की थी, जिसे दिसंबर 2019 में स्थापित कर दिया गया है

कृषिः

32. वर्ष 2020-21 में कृषि विभाग के लिए कुल 3 हजार 420 करोड़ 6 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

33. राज्य में कृषि के लिए भूमिगत जलस्तर को बढ़ाने के लिए वर्षा जल-संग्रहण पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी हैवर्षा जल को संगृहीत कर सिंचित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वर्ष 2020-21 में 12 हजार 500 फार्म पौण्डों का निर्माण करवाया जायेगाइस पर 150 करोड़ रुपये का व्यय होगा।

34. राज्य में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) की लोकप्रियता को देखते हुए वर्ष 2020-21 में 30 हजार हैक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सूक्ष्म सिंचाई के तहत लाया जायेगा, जिसके लिए 91 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है

35. राजस्थान, कृषि क्षेत्र में सोलर पंपों की स्थापना में देश में प्रथम हैकृषि में सौर ऊर्जा के प्रयोग की अपार संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2020-21 में 25 हजार सोलर पंप लगाये जायेंगे, जिस पर 267 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

36. वर्ष 2020-21 में 2 लाख टन यूरिया तथा 1 लाख टन डीएपी के अग्रिम भंडारण हेतु राज्य सरकार द्वारा 30 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा

37. उन्नत बीज की मांग को देखते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम द्वारा प्रमाणित बीज का उत्पादन 8 लाख क्विंटल से बढ़ाकर 12 लाख क्विंटल किया जायेगासाथ ही, निगम के बीज वितरण आउटलेट स्थापित करने के लिए 200 मण्डी प्रांगणों में चरणबद्ध रूप से निःशुल्क भूखण्ड उपलब्ध करवाये जायेंगे

38. खजूर की खेती के लिए बढ़ते रुझान तथा इससे होने वाली उच्च आय को देखते हुए आगामी 4 वर्षों में जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, पाली, जालोर, सिरोही एवं झुंझुनूं आदि जिलों के 1 हजार 500 हैक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को खजूर की खेती में लाया जायेगा।

39. प्रदेश में किसानों को किराये पर खेती संबंधी यंत्र उपलब्ध करवाने के लिए KVss / GSS के माध्यम से मांग के अनुसार 100 कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। इस पर 8 करोड़ रुपये का खर्च होगा। .

40. किसानों को खेत के समीप कृषि उपज विपणन की सुविधा प्रदान करने के लिए चरणबद्ध रूप से 44 नई स्वतंत्र मण्डियां पिड़ावा, डग, मनोहरथाना जिला झालावाड़; पूंगल रोड–बीकानेर; कुशलगढ़बांसवाड़ा; छीपाबडौद, नाहरगढ एवं समरानिया जिला बारां; चौहटन, धोरीमन्ना एवं गुढ़ामलानी जिला बाड़मेर; करौली; डूंगला-चित्तौड़गढ़; डबली राठान, हनुमानगढ़ टाउन जिला हनुमानगढ़; कुम्हेर, पहाड़ी, भुसावर एवं रूपवास जिला भरतपुर; सोजत सिटी-पाली; अरनोद व धरियावद जिला प्रतापगढ; बींझबायला-श्रीगंगानगर; देवगढ़-राजसमन्द, खण्डार-सवाई माधोपुर; सलूंबर-उदयपुर; बगरू, सांगानेर, शाहपुरा जिला जयपुर; मथानियां-जोधपुर; मोहनगढ़ व रामगढ़ जिला जैसलमेर; जायल व खींवसर जिला नागौर; टोडारायसिंह-टोंक; गुलाबपुरा-भीलवाड़ा; किशनगढ़बास, बहरोड, तिजारा, गोविन्दगढ, अलवर (फ.स.), रामगढ़ एवं बानसूर जिला अलवर एवं सांगोद-कोटा में स्थापित किया जाना प्रस्तावित है साथ ही, 100 नवीन गौण उपज मंडी समितियों की भी स्थापना जायेगीइसके अतिरिक्त, निजी क्षेत्र में भी मंडियों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जायेगा।

41. कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के अधीन एक नये डेयरी प्रौद्योगिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी संकाय की स्थापना की जायेगी, इस हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता है।

42. किसानों की आय में वृद्धि, विपणन व्यवस्था में आधारभूत परिवर्तन, कृषि को जोखिम रहित बनाने, किसान एवं खरीददार के मध्य लाभकारी व्यवस्था स्थापित करने की दृष्टि से दो नवीन अधिनियम ‘राजस्थान राज्य कृषि उपज (संवर्द्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम, 2020' एवं 'राजस्थान कृषि उपज संविदा खेती एवं सेवायें (संवर्द्धन एवं सरलीकरण) अधिनियम, 2020' लाये जा रहे हैं

सहकारिताः

43. हमारी सरकार के द्वारा फसली ऋणों में पारदर्शिता लाने एवं भेदभाव को खत्म करने के लिए ग्राम सहकारी समितियों के माध्यम से बांटे जाने वाले फसली ऋणों के वितरण के लिए सहकारी फसली ऋण ऑनलाईन पंजीयन एवं वितरण योजना-2019 लागू की गई है, जिसके तहत अब तक सहकारी बैंकों के द्वारा 22 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार 700 करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित किया जा चुका हैऋण वितरण की पारदर्शी व्यवस्था के फलस्वरूप अब तक सहकारी बैंकों के फसली ऋण से 8 लाख से अधिक पहली बार सदस्य बने किसानों को 1 हजार 800 करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरित किया जा चुका है।

44. वर्ष 2020-21 में ब्याज अनुदान के रूप में केन्द्रीय सहकारी बैंकों को 534 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाये जायेंगे।

45. राज्य में आगामी चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 2 हजार नवीन जीएसएस का गठन किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही, आगामी वर्ष 500 चयनित पैक्स/लैम्प्स को विकसित कर इन्हें सौर ऊर्जा से जोड़ा जायेगा।

46. वर्ष 2020-21 में राज्य के चयनित GSS, KVss और उपभोक्ता भंडारों में कुल 130 गोदाम बनाये जायेंगे, जिन पर 22 करोड़ रुपये का व्यय किया जाना प्रस्तावित हैपशुपालनः

47. प्रदेश में अनुदानित दर पर कृत्रिम गर्भाधान हेतु सोर्टेड सीमन (Sexed Sorted Semen) के उपयोग की योजना प्रारम्भ की जायेगी। इस तकनीक के उपयोग से बछड़ों के बजाय बछड़ियों के पैदा होने की सम्भावना अधिक रहती है। परियोजना पर 10 करोड़ रूपये व्यय किये जायेंगे।

48. पशुपालकों को नवीन तकनीकों एवं प्रबन्धन की जानकारी देने हेतु 4 हजार पशुपालकों को राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।

49. पशु चिकित्सालय रातानाड़ा-जोधपुर के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। तीसरा संकल्प-महिला, बाल एवं वृद्ध कल्याण गत वर्ष हमारे द्वारा घोषित 1 हजार करोड़ रुपये की ‘इंदिरा महिला शक्ति निधि के माध्यम से महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक रचनात्मक पहल की गई। इस वर्ष महिला, बालकों एवं वृद्धजनों के हितार्थ लिये गये तीसरे संकल्प के तहत किये जाने वाले कार्य सदन के समक्ष रखे जा रहे हैं।

महिला एवं बाल विकासः

50. एक ही क्षेत्र में अलग-अलग स्तर पर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा सहयोगिनी तथा एएनएम के मध्य बेहतर समन्वय तथा कन्वर्जेंस के लिए कॉमन प्लेटफार्म 'A-3 (Aanganwadi worker, Asha Sahyogini, ANM) एप' विकसित किया जायेगा। इससे न केवल इनके मध्य बेहतर समन्वय होगा, अपितु लाभार्थियों को भी समय पर समुचित सेवायें प्राप्त हो सकेंगी।

51. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा साथिनों के प्रशिक्षण हेतु एचसीएम रीपा, जयपुर व राज्य में स्थित अन्य राजकीय संस्थानों के माध्यम से व्यवस्था की जायेगी। साथ ही, एचसीएम रीपा, जयपुर में 'इन्दिरा गांधी महिला शोध संस्थान' भी स्थापित किया जायेगा।

. 52. आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से लगभग 35 लाख से अधिक बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं, किशोरी बालिकाओं को लगभग 800 करोड़ रुपये की राशि से पोषाहार वितरित किया जाता है। इसमें पारदर्शिता लाने हेतु पोषाहार की गुणवत्ता बढ़ाने तथा उसमें विविधता लाने की कार्यवाही की जायेगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिताः

 

53. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 8 हजार 500 करोड़ 7 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है

 

54. हमारी सरकार द्वारा EWS को दिये जाने वाले आरक्षण की पात्रता की अव्यावहारिक शर्तों एवं प्रक्रिया को हटाकर सिर्फ 8 लाख रुपये वार्षिक आय की शर्त रखने का प्रदेश में व्यापक स्वागत हुआ है। इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए, आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्गों (Economically Backward Class) के उत्थान एवं कल्याण के लिए सुझाव देने हेतु मैं, 'राजस्थान राज्य आर्थिक पिछड़ा वर्ग बोर्ड के गठन की घोषणा करता हूँ।

 

55. आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि प्रदेश में वर्तमान में 4 लाख 22 हजार से अधिक बच्चे पालनहार योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जिस पर अगले वर्ष लगभग 450 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा । पालनहार योजना के 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पात्र लाभार्थियों के लिए, गत वर्ष जयपुर में एक पालनहार छात्रावास की घोषणा की गयी थी। इसे आगे बढ़ाते हुए अब प्रत्येक संभाग मुख्यालय पर छात्रावास (हाफ-वे-होम) खोला जायेगा

 

 

56. बालक प्रदेश के सबसे मूल्यवान मानव संसाधन हैंसरकार का दायित्व है कि हर बच्चे को सभी बाल अधिकार, खासकर बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य मिलें। इसके लिए, हमारे प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू आज भी बच्चे जिन्हें चाचा नेहरू कहते हैं, के नाम से 100 करोड़ रुपये के नेहरू बाल संरक्षण कोष' के गठन की घोषणा करता हूँ। इसके अन्तर्गत बच्चों की तस्करी, बाल मजदूरी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का कार्य भी किया जा सकेगा

 

57. कई बार जन्म के समय बच्चों में बहरेपन की पहचान नहीं हो पाती है, जिससे आरंभिक अवस्था में उनका ईलाज नहीं हो पाता । इस कारण से वे पूरे जीवन मूक बधिर ही रहते हैं। हालांकि कॉकलीयर इम्प्लांट के रूप में इस समस्या का निदान संभव हैइस आवश्यकता को महसूस करते हुए हमारे पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री सहायता कोष के माध्यम से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर 96 बच्चों को लाभान्वित किया गया थामुख्यमंत्री सहायता कोष से अब तक 899 बच्चों हेतु 44 करोड़ 52 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की जा चुकी हैराजस्थान देश का अग्रणी राज्य है, जहां पर सरकारी खर्च से कॉकलीयर इम्प्लांट करने शुरू किये गये। इस योजना को अब केन्द्र सरकार द्वारा भी पूरे भारत में लागू किया गया है। अब हम अगली कड़ी में, बाल्यकाल की प्रारंभिक अवस्था में ही hearing screening की अनिवार्यता हेतु नीति बनाकर लागू करेंगे।

 

58. गत वर्ष हमारे द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रावासों को देय मैस भत्ते की राशि प्रति विद्यार्थी 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 हजार 500 रुपये प्रतिमाह की गयी थी। इस वर्ष शेष अन्य पिछड़ा वर्ग, विशेष पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह, वृद्धाश्रम, भिक्षावृत्ति वाले प्रस्तावित आवासीय संस्थानों में भी प्रति आवासी यह राशि 2 हजार 500 रुपये प्रतिमाह की जायेगी

 

59. राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त विकास निगम लिमिटेड' के माध्यम से स्वरोजगार हेतु 25 हजार युवाओं को ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है । आगामी वर्ष इनकी संख्या बढ़ाते हुए 50 हजार युवाओं को ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा

 

अल्पसंख्यक:

 

60. अजमेर जिले के मसूदा एवं भरतपुर जिले के कामां ब्लॉक में 41 करोड़ 60 लाख रुपयों की लागत से अल्पसंख्यक बालक-बालिका आवासीय विद्यालय भवनों का निर्माण करवाया जायेगा। साथ ही, जिला मुख्यालय नागौर, जिला मुख्यालय सवाईमाधोपुर एवं लाडनूं-नागौर में कुल 3 अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास भवनों का निर्माण करवाया जायेगा, जिस पर लगभग 7 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत आयेगी

 

61. जिला मुख्यालय जयपुर में 100 शैय्याओं के अल्पसंख्यक बालक छात्रावास भवन का निर्माण करवाया जायेगा। इस पर 5 करोड़ रुपये का व्यय होगा

 

62. राजस्थान वक्फ बोर्ड को सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये की ग्रान्ट उपलब्ध करवायी जायेगी। जनजाति विकासः

 

63. TSP Area के जनजाति युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रतापगढ़, डूंगरपुर एवं उदयपुर में कौशल विकास केन्द्र प्रारम्भ किये जायेंगेइन केन्द्रों के माध्यम से चरणबद्ध रूप से 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा 15 हजार युवाओं को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जायेगा

 

64. TSP Area में खेरवाड़ा जिला उदयपुर, पारडा चुण्डावत जिला डूंगरपुर, पाडोला जिला बांसवाड़ा, टीमरवा जिला प्रतापगढ़, हनौतिया जिला बारां के जनजातीय आवासीय विद्यालयों की वर्तमान कुल छात्र क्षमता को 1 हजार 530 से बढ़ाकर 2 हजार 400 किया जायेगाइसके लिये 10 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।

 

65. जनजाति क्षेत्र में संचालित सरकारी आवासीय विद्यालय एवं जनजाति छात्रावासों के छात्रावास अधीक्षकों के लिए पृथक् कैडर बनाया जायेगा।

 

66. कुसुम योजना के तहत जनजातीय कृषकों को सोलर पम्प स्थापना हेतु केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 30-30 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा हैTSP क्षेत्र के जनजाति किसानों को उक्त योजना का लाभ दिलाने हेतु ऊर्जा विभाग से समन्वय स्थापित कर 45 हजार रुपये प्रत्येक कृषक को, अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाये जायेंगे। इस योजना के तहत चरणबद्ध रूप से 5 हजार किसानों को सोलर पम्प उपलब्ध करवाये जाकर 22 करोड़ 50 लाख रुपये का व्यय किया जायेगा।

 

67. राज्य सरकार द्वारा वन भूमि पर निवास करने वाले जनजाति परिवारों को वन भूमि के अधिकार पत्र प्रदान किये गये हैं। इन परिवारों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने हेतु मुर्गी पालन, सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं, बकरी पालन इत्यादि हेतु सहायता प्रदान की जायेगी। इससे TSP area के लगभग 14 हजार परिवार लाभान्वित होंगे। इस पर 6 करोड़ 50 लाख रुपये का व्यय किया जायेगाचौथा संकल्प-सक्षम मजदूर, छात्र-युवा-जवान राज्य के ऊर्जावान युवाओं एवं मेहनतकश मजदूरों के लिए चौथे संकल्प के रूप में हमने आगामी वर्ष के लिए विस्तृत रूपरेखा बनायी है। हमारी विशेष कोशिश खेलों के क्षेत्र में राज्य को तेजी से आगे लाने की रहेगी

युवा मामले एवं खेलः

 

68.. हाल ही में सम्पन्न हुई राज्य खेल प्रतियोगिता जिसमें 18 खेलों के लगभग 8 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया, की तारीफ चारों ओर हो रही हैपहली बार संपन्न हुए इन खेलों का ही नतीजा था कि असम में हुए 'खेलो इण्डिया यूथ गेम्स-2020' में राज्य का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। खेलों के प्रति जागरुकता लाकर हम Fit Rajasthan, Hit Rajasthan के लक्ष्य की ओर एक कदम और बढ़ायेंगे

 

69. . ग्राम स्तरीय खेल प्रतिभाओं की खोज कर आगे लाने के लिए राज्य खेलों की तर्ज पर हम ब्लॉक स्तरीय एवं जिला स्तरीय खेलों का आयोजन करेंगे। जिससे वर्ष 2022 में होने वाले राज्य खेल और अधिक सफल हो सकेंगेइस हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा जायेगा

 

70. इस वर्ष आयोजित राज्य खेलों में क्रिकेट और हेडबाल शामिल नहीं किये जा सके थे। अब इन खेलों के भी ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तरीय आयोजन करवाये जायेंगे।

 

71. मैं, प्रदेश के खिलाड़ियों द्वारा ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही 75 लाख रुपये की ईनामी राशि को बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये, रजत पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही राशि 50 लाख रुपये को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही राशि 30 लाख रुपये को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये करने की घोषणा करता हूंउसी तरह एशियन गेम्स/कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही राशि 30 लाख रुपये को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये, रजत पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही राशि 20 लाख रुपये को बढ़ाकर 60 लाख रुपये एवं कांस्य पदक जीतने पर वर्तमान में दी जा रही राशि 10 लाख रुपये को बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की घोषणा करता हूं

 

72. प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने के लिए संविदा पर विभिन्न खेलों के 500 कोच लगाये जायेंगे। इस पर लगभग 10 करोड़ रुपये सालाना का व्यय होगा।

 

73. राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर मिलने वाले दैनिक भत्ते की दरों को बढ़ाकर क्रमश: 500 से 1 हजार रुपये एवं 300 से 600 रुपये करने की घोषणा करता हूँ

उद्योग :

 

74. प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2019 जारी की गई है। इसी क्रम में, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2019 भी लागू की गई है। क्षेत्रीय असन्तुलन को दूर करने की दृष्टि से अधिघोषित Most Backward Areas में स्थापित होने वाली पात्र इकाइयों के लिए विशेष छूट का प्रावधान भी रखा जायेगा।

 

75. प्रदेश में उद्योगों की सुगम स्थापना के लिए सभी अनुमतियां एक ही स्थान से प्रदान कराने के लिए हमारे द्वारा वर्ष 2011 में सिंगल विंडो एक्ट लागू किया गया था। इस एक्ट के अनुपालन को और प्रभावी बनाने के लिए 'वन स्टॉप शॉप' प्रणाली स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रणाली में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक 'बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट' का गठन किया जायेगायह बोर्ड निवेश प्रस्तावों संबंधी स्वीकृतियां प्रदान करने में सक्षम होगा। साथ ही, प्रथम चरण में एकल खिड़की व्यवस्था के 14 विभागों के अधिकारियों को BIP में प्रतिनियुक्त किया जायेगा, जिससे निवेश प्रस्तावों को त्वरित clearances मिल सकेगी।

 

76. अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं रोजगार सृजन में MSME उद्योगों की महती भूमिका हैराज्य में MSMEs की आसानी से स्थापना हेतु हम वर्ष 2019 में नया एक्ट लेकर आये और पहले तीन सालों तक इन्हें समस्त सरकारी स्वीकृतियों एवं निरीक्षणों की बाध्यता से मुक्त किया। इसमें online रजिस्ट्रेशन की सुलभ सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से अब तक 3 हजार 339 उद्यमियों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है तथा उनको तत्काल सर्टिफिकेट जारी कर दिये गये हैं राजस्थान ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है। इसके परिणाम काफी उत्साहवर्धक रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उद्यमियों की सुविधा के लिए ‘राज उद्योग मित्र पोर्टल' प्रारंभ किया गया है।

 

77. देश में हस्तशिल्प निर्यात के बड़े केन्द्र जोधपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ‘राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय निर्यात एक्सपो' आयोजित किया जायेगाइसके आयोजन में अनुमानित व्यय 3 करोड़ रुपये का होगा, जो रीको द्वारा वहन किया जायेगा

 

78. राज्य में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए रीको द्वारा अलवर, चूरू, सीकर, जालोर, टोंक, बूंदी, भरतपुर, बांसवाड़ा एवं उदयपुर जिलों में नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जायेगी तथा दौसा एवं राजसमंद में रीको इकाई कार्यालय खोले जायेंगे। इसके अतिरिक्त हिण्डोन जिला करौली एवं गंगापुर जिला सवाई माधोपुर में भी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की संभावना तलाशी जायेगी एवं इन क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को विशेष पैकेज दिया जायेगा

 

79. विशेष आर्थिक क्षेत्र-2 सीतापुरा, जयपुर में करीब 25 हजार वर्गफीट पर plug and play facility का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस facility में छोटे तथा अन्य उद्योगों को ready to move built-up area उपलब्ध करवाया जायेगा, जिससे वह अपनी इकाई, कम से कम समय में शुरू कर सकेंगे। सकेंगे।

 

80. प्रदेश के हस्तशिल्पियों, दस्तकारों एवं आयातकों-निर्यातकों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा संचालित हस्तशिल्प एम्पोरियमों, इनलेण्ड कंटेनर डिपो और एयरकार्गो का आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण करवाया जायेगा।

गांधी स्मृतिः

 

81. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती के अवसर पर जयपुर में खादी प्लाजा की स्थापना की जायेगी। इस पर 10 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।

 

82. खादी वस्त्रों पर 50 प्रतिशत की छूट देने से खादी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति सुधरी है, इसलिए अब राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड एवं खादी और ग्रामोद्योग आयोग से वित्तपोषित राज्य की 144 खादी संस्था/ समितियों के आधुनिकीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए सभी खादी संस्था/ समितियों के कार्यों के कम्प्यूटराईजेशन के लिए सहायता प्रदान की जायेगी, जिससे वे अपने उत्पादों की अच्छी मार्केटिंग कर सकेंगेइसके अतिरिक्त, बुनकर संघ का भी सुदृढ़ीकरण करवाया जायेगा। इस हेतु लगभग 2 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।

पैट्रोलियम एवं खनिजः

 

83. प्रदेश में पारदर्शिता के साथ खान आवंटन करने के उद्देश्य से आगामी वर्ष कम से कम दो हजार हैक्टेयर प्रधान खनिज एवं एक हजार हैक्टेयर अप्रधान खनिज के ब्लॉक बनाकर ई-आक्शन हेतु उपलब्ध करवाये जायेंगे

 

84. बाड़मेर में रिफाईनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के निर्माण को समय पर पूरा कराने पर हमारी सरकार का focus है इस परियोजना की कुल लागत 43 हजार 129 करोड़ रुपये हैइस हेतु गठित HPCL Rajasthan Refinery Ltd. कंपनी में HPCL की 74 प्रतिशत एवं राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत भागीदारी है। इस रिफाईनरी कॉम्प्लेक्स से प्रदेश में रोजगार के अवसरों में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी। हमारा प्रयास रहेगा कि हम HPCL से नियमित follow up एवं समन्वय करके जल्दी से जल्दी रिफाईनरी निर्माण कार्य को पूर्ण करवायें।

 

85. राज्य में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के उत्पादन को बढ़ाने के . लिए अन्वेषण (Exploration) की गतिविधियां बढ़ानी होंगीहमने 10 Petroleum Exploration Licence (PEL) स्वीकृत किये हैं एवं आगामी वर्ष में 3 PEL और स्वीकृत किये जायेंगे । अन्वेषण एवं उत्पादन से संबंधित कार्यों को शीघ्रता से संपादित करने के लिए बाड़मेर जिले में उप निदेशक (पेट्रोलियम) कार्यालय खोला जायेगा तथा विशेषज्ञों की सेवायें ली जायेंगी।

 

 

86. माननीय सदस्यों को जानकर प्रसन्नता होगी कि राज्य में लगभग 2 हजार 476 मिलियन टन पोटाश अयस्क के भंडार की संभावना है। वर्तमान में हमारा देश पोटाश के लिए पूर्णतया आयात पर निर्भर हैयह बहुमूल्य खनिज पूरे देश में सिर्फ हमारे प्रदेश में हनुमानगढ़ जिले सहित कुछ क्षेत्र में उपलब्ध हैइसमें देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अन्वेषण व फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करवाने पर राज्य सरकार विचार करेगी।'

 

87. रिफाइनरी परियोजना में रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु जोधपुर व पचपदरा जिला बाड़मेर में Hydrocarbon Sector की विभिन्न स्किल्स में प्रशिक्षण देने के लिए डेडिकेटेड कौशल केन्द्र स्थापित किये जायेंगे

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराजः

 

88. राज्य में 57 नई पंचायत समितियों एवं 1 हजार 456 नई ग्राम पंचायतों के गठन के उपरान्त जिन ग्राम पंचायतों एवं पंचायत समितियों में कोई उपयुक्त सरकारी भवन कार्यालय प्रयोजनार्थ उपलब्ध नहीं हैं, उनमें विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत नवीन भवनों का निर्माण करवाया जायेगा

 

89. महात्मा गांधी नरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसे हमारी सरकार ने पूर्व में गंभीरता से लागू किया था। लेकिन, विगत कुछ सालों में इस योजना के क्रियान्वयन में कई कमियां नजर आई हैं। हमारी सरकार ने नरेगा योजना को पुनः मजबूत बनाने के लिए काम मांगो अभियान के तहत मजदूरों की संख्या बढ़ाई है। इस वर्ष अब तक 53 लाख परिवारों को रोजगार प्रदान किया गया है, जिनमें से लगभग 4 लाख 87 हजार परिवारों द्वारा 100 दिवस का रोजगार पूर्ण कर लिया गया है। योजना पर इस साल अब तक लगभग 6 हजार 100 करोड़ रुपये का व्यय किया जा चुका हैपर्यटन:

 

90. देश में पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान सिरमौर रहा है। मैं, पर्यटन संबंधी सुविधाओं के विकास एवं उन्नयन हेतु 100 करोड़ रुपये के पर्यटन विकास कोष के गठन की घोषणा करता हूँ। इस कोष के उपयोग हेतु पृथक् से रूपरेखा तैयार की जायेगी। साथ ही, राज्य में 'Ease of Travelling in Rajasthan' की नीति विकसित की जायेगी

 

91. RTDC की 4 हैरिटेज संपत्तियों लेक पैलेस सिलीसेढ़-अलवर, झूमर बावड़ी रणथम्भौर-सवाईमाधोपुर, गोकुल नाथद्वारा-राजसमन्द एवं होटल सरोवर पुष्कर-अजमेर के जीर्णोद्धार, संरक्षण एवं विकास हेतु 4 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है

92. आगामी वर्ष में 1 हजार राज्य स्तरीय एवं 5 हजार स्थानीय स्तर के गाईडों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे कि उन्हें गाईड लाईसेंस प्रदान किये जा सकें। पांचवा संकल्प-शिक्षा का परिधान प्रदेश के अच्छे कल के लिए हमें विद्यार्थियों को बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना होगा अच्छी शिक्षा आने वाली पीढियों के लिए हमारा सर्वश्रेष्ठ उपहार हो सकता है और ये ही हमारा 5वां संकल्प है

 

शिक्षाः

93. शिक्षा से जुड़े सभी विभागों के लिए वर्ष 2020-21 में हमने कुल 39 हजार 524 करोड़ 27 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

94. प्रदेश में 33 जिला मुख्यालयों पर महात्मा गांधी के नाम से English Medium राजकीय विद्यालयों का प्रयोग काफी सफल रहा है। राज्य के 301 शैक्षणिक ब्लॉक में से 134 ब्लॉक पर English Medium विवेकानन्द मॉडल स्कूल स्थापित हो चुके हैं। अतः अब, शेष 167 ब्लॉक में प्रत्येक में एक English Medium महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है

 

95. Right to Education के तहत राज्य में निर्धारित मापदण्डों के अनुसार प्राथमिक से लेकर सीनियर हायर सैकंडरी तक विद्यालयों का होना सुनिश्चित किया जा चुका है। इस संबंध में संभावित gap को भरने के लिए आवश्यकतानुसार उच्च प्राथमिक, माध्यमिक एवं सीनियर हायर सैकंडरी विद्यालय खोले जाने प्रस्तावित हैं

96. प्रदेश के 200 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त संकाय एवं 300 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अतिरिक्त विषय आवश्यकतानुसार खोले जायेंगे, जिन पर 25 करोड़ रुपये का व्यय होगा

 

97. एक सकारात्मक पहल करते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि समस्त सरकारी विद्यालयों में शनिवार के दिन No Bag Day रहेगा और उस दिन कोई अध्यापन कार्य नहीं होगाइस दिन अभिभावक-अध्यापक (Parent-Teacher) मीटिंग के अतिरिक्त साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां, हैप्पीनेस थेरेपी, खेलकूद, व्यक्तित्व विकास, स्काऊट, जीवनमूल्य एवं नैतिक शिक्षा, बालसभायें तथा भाषा एवं कौशल विकास एवं निरोगी राजस्थान के सूत्रों से संबंधित क्रियायें संपादित करवायी जायेंगी, जिनमें अध्यापकों की भागीदारी को सुनिश्चित किया जायेगा।

 

98. राज्य के शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय, जोधपुर में अतिरिक्त कक्षा कक्ष, छात्रावास, बैडमिंटन कोर्ट, स्वीमिंगपूल, ऑडिटोरियम आदि सुविधायें विकसित की जायेंगी । इस हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता है

 

 

99. राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए नये 'कम्प्यूटर शिक्षक कैडर' का सृजन किया जाना प्रस्तावित है।

 

 

100. राज्य के 204 ब्लॉक में अभी 319 कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं, जिनमें 38 हजार 700 बालिकायें अध्ययनरत हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी 3 वर्षों में चरणबद्ध रूप से 66 कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जायेगी। प्रथम चरण में 22 कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे, जिनमें से 12 विद्यालय तलवाड़ा, अधुना, गांगड़ तलाई एवं छोटी सरवन जिला बांसवाड़ा, पाटोदी एवं शिव जिला बाड़मेर, गलियाकोट जिला डूंगरपुर, पीलीबंगा जिला हनुमानगढ़, कुरावड़, लसाड़िया, झल्लारा एवं ऋषभदेव जिला उदयपुर के अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अल्पसंख्यक बाहुल्य ब्लॉक्स में खोले जायेंगे। शेष 10 विद्यालय मण्डरायल जिला करौली, धनाउ जिला बाड़मेर, बिदासर जिला चूरू, बिजोलिया जिला भीलवाड़ा, नोहर एवं भादरा जिला हनुमानगढ़, सुल्तानपुर जिला कोटा, बांदीकुई जिला दौसा, खानपुर जिला झालावाड़ तथा आमेर जिला जयपुर में खोले जायेंगे

 

उच्च एवं तकनीकी शिक्षाः

 

 

101. महाविद्यालयों में पढ़ रहे युवाओं में कौशल विकास हेतु Skill Enhancement & Employable Training (SEET) कार्यक्रम आरंभ किया जायेगाइसमें राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) एवं राजस्थान स्किल यूनिवर्सिटी के माध्यम से प्रति वर्ष 10 हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जायेगा

 

102. प्रदेश के महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को ऑफलाइन/ऑनलाइन वीडियो लेक्चर की सुविधा के लिए राजीव गांधी ई-कन्टेन्ट बैंक की स्थापना की जायेगी, जिसमें कॉलेज शिक्षकों द्वारा दिये गये लेक्चर को रिकॉर्ड किया जायेगा एवं इसके माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य में निरंतर क्वालिटी एजुकेशन मुहैया करवायी जाती रहेगी।

 

 

103. पिछले बजट में हमने राजकीय महाविद्यालय खोलने हेतु नीति बनाने की घोषणा की थी। यह नीति जारी की जा चुकी है। गत वर्ष घोषित महाविद्यालयों में आवश्यक स्टॉफ एवं भवन की व्यवस्था की जा रही हैइस संदर्भ में प्राप्त मांगों पर जारी नीति अनुरूप कॉलेज खोलने का उचित निर्णय भविष्य में लिया जायेगा।

 

104. प्रदेश में स्थापित हो रही रिफाईनरी एवं प्राकृतिक गैस की प्रबल संभावनाओं के चलते शोध एवं उच्च अध्ययन की महत्ता को ध्यान में रखते हुए राज्य के सबसे पुराने एवं प्रदेश के प्रथम MBM Engineering College को upgrade करके विश्वविद्यालय स्तर की सुविधायें प्रदान की जायेंगी। इसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता हैछठा संकल्प-पानी, बिजली व सड़कों का मान राज्य सरकार पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विद्युत आपूर्ति की निरंतरता एवं अच्छी सड़कें उपलब्ध करवाना भी हमारी जिम्मेदारी हैइसके लिए हमने यह छठा संकल्प लिया है

पेयजलः

 

105. PHED के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 8 हजार 794 करोड़ 51 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है

 

106. प्रदेश के प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए सरकार कृतसंकल्पित है। इस हेतु भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है, के माध्यम से हर घर में जल पहुंचाया जाना प्रस्तावित है। राज्य में सीमित जल संसाधन होने तथा बड़ा भूभाग मरूस्थलीय होने के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा केवल 50 प्रतिशत राशि ही राज्य को उपलब्ध करवायी जा रही है, जबकि केन्द्र शासित प्रदेशों में 100 प्रतिशत एवं पहाड़ी व उत्तर पूर्वी राज्यों में 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा उपलब्ध करवायी जा रही है। राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थतियों को देखते हुए केन्द्र सरकार से उनकी हिस्सा राशि 90 प्रतिशत करने के लिए अनुरोध किया जा रहा है।

 

107. पूरे प्रदेश में शहरों की तर्ज पर ग्रामीण परिवारों को घर में पेयजल उपलब्ध करवाना, राज्य सरकार की प्राथमिकता हैइसी कड़ी में प्रथम चरण में वर्ष 2020-21 में 16 जिलों झुंझुनूं, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, झालावाड़, डूंगरपुर, पाली, भीलवाड़ा, टोंक, जयपुर, नागौर, बारां, अजमेर, कोटा, बूंदी एवं करौली की 30 परियोजनाओं के कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। इससे 4 हजार 327 गांवों एवं 9 हजार 159 ढाणियों के लगभग 9 लाख परिवारों को फायदा होगा। इन कार्यों पर लगभग 1 हजार 350 करोड़ रुपये का व्यय सम्भावित है।

 

 

108. वर्ष 2020-21 में 4 हजार से कम आबादी वाले 250 गांव जहां पेयजल स्रोत उपलब्ध हों, में नवीन सेवा स्तर मापदण्ड अनुसार, नल से हर घर में पेयजल आपूर्ति की योजनाओं के कुल 625 करोड़ रुपये की लागत के कार्य हाथ में लिये जायेंगेइससे लगभग 1 लाख 10 हजार घर लाभान्वित होंगे। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 160 करोड़ रुपये का व्यय होना संभावित है।

 

 

109. प्रदेश में 500 जनता जल योजनाओं के माध्यम से 1 लाख घरों को मापदण्ड अनुसार, पेयजल से लाभान्वित करने हेतु कुल 750 करोड़ रुपये के पुनर्गठन कार्य हाथ में लिये जायेंगेवित्तीय वर्ष 2020-21 में इन पर 100 करोड़ रुपये का व्यय होना संभावित है।

 

110. वर्ष 2019-20 में चम्बल भीलवाड़ा के आरोली Water Treatment Plant से जोड़कर बूंदी जिले के हिंडोली सहित शेष रहे क्षेत्र को पेयजल पहुंचाने हेतु घोषित की गयी DPR बन गई है। आगामी वित्तीय वर्ष में 970 करोड़ रुपये की इस परियोजना को शुरू कर बूंदी जिले के 286 गांवों, 287 ढाणियों एवं नैनवा कस्बे को पेयजल से लाभान्वित किया जायेगा।

 

111. जयपुर शहर में चारदीवारी एवं आस-पास के क्षेत्र में उचित दवाब से पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु वितरण प्रणाली का सुदृढ़ीकरण किया जायेगा, जिसके तहत 5 उच्च जलाशयों के निर्माण के साथ नई मुख्य वितरण लाईन एवं पुरानी जीर्ण-शीर्ण पाईप लाईनों को बदलने का कार्य किया जायेगा। इस योजना पर 165 करोड़ रुपये का व्यय कर 9 लाख की आबादी को लाभान्वित किया जायेगा। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2020-21 में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है

 

112. धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे की पेयजल समस्या के निदान हेतु नये स्रोत का निर्माण, स्वच्छ जलाशय का निर्माण, राइजिंग तथा वितरण पाईपलाईन इत्यादि कार्य कर पेयजल योजना का पुनर्गठन किया जायेगाइस योजना पर 15 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है

 

113. गत वर्ष राजसमन्द जिले के भीम क्षेत्र हेतु भीलवाड़ा जिले की चंबल पेयजल परियोजना से पानी पहुंचाने की योजना का परीक्षण करने की घोषणा की थीअब परीक्षण उपरांत इस कार्य हेतु आगामी वर्ष में DPR बनायी जायेगी

ऊर्जाः

 

114. ऊर्जा विभाग के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 18 हजार 530 करोड़ 75 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है

 

115. राज्य में अक्षय ऊर्जा के विकास की अपार संभावनाओं को देखते हुए गत वर्ष के बजट भाषण में नवीन सौर एवं पवन ऊर्जा नीति लाने की घोषणा की गयी थी । इस क्रम में हमारे द्वारा राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 एवं राजस्थान पवन एवं हाईब्रिड ऊर्जा नीति 2019 जारी की गयी है।

 

116. नई सौर ऊर्जा नीति में हमने चरणबद्ध रूप से 30 हजार मेगावाट तक उत्पादन क्षमता स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया हैइस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य में निजी निवेशकों के साथ-साथ केन्द्रीय राजकीय उपक्रमों के माध्यम से भी अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

 

 

117. थर्मल पावर प्लांट में कोयले की बचत एवं प्रदूषण में कमी करने के लिए इन प्लांटों से उत्पादित ऊर्जा में सौर ऊर्जा मिश्रित कर विद्युत उत्पादन को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके लिए राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम द्वारा लगभग 800 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना थर्मल पावर प्लांट के परिसर में उपलब्ध भूमि पर करने की योजना बनायी जाकर मूर्तरूप दिया जायेगा।

 

 

118. राज्य में अक्षय ऊर्जा से अपनी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में हम रूफटॉप सोलर सिस्टम को वृहद् पैमाने पर लागू करेंगे। प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं चिन्हित शहरी क्षेत्रों को 'ग्रीन एनर्जी सिटी' के रूप में विकसित किया जायेगाइस क्रम में आगामी 5 वर्षों में 300 मेगावाट के रूफटॉप सोलर .. सिस्टम स्थापित किये जाने प्रस्तावित हैं

 

 

119. ग्रामीण क्षेत्र में छोटी पेयजल योजनाओं के संचालन में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने एवं निर्बाध संचालन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 200 पेयजल परियोजनाओं को राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा सोलर में convert किया जायेगा

 

 

120. इस वर्ष 1 लाख 31 हजार कृषि कनेक्शन जारी किये गये हैं। आगामी वर्ष में अनुसूचित जाति, जनजाति उपयोजना क्षेत्र के अन्तर्गत सभी श्रेणी तथा बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति सहित कुल 50 हजार कृषि कनेक्शन प्राथमिकता से जारी किये जायेंगे

 

 

121. प्रदेश के सभी किसान भाईयों को खेती के लिए रात्रि में बिजली उपलब्ध करवाये जाने से उन्हें शारीरिक एवं मानसिक कष्ट उठाना पड़ता हैभरी ठंड में रात में खेतों में काम करना बेहद कठिन कार्य हैसरकार किसानों की इस पीड़ा को दूर करना चाहती है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी जिलों में दिन के दो ब्लाक में कृषि हेतु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करवायी जायेगी। इसके लिए विद्युत तंत्र का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है

 

 

122. इस क्रम में प्रथम चरण में दिनांक 1 अप्रैल, 2021 तक अजमेर, प्रतापगढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा, राजसमन्द, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौडगढ़, पाली, सिरोही, जालोर, जैसलमेर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, धौलपुर एवं द्वितीय चरण में दिनांक 1 अप्रैल, 2022 तक सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर तथा तृतीय चरण में दिनांक 1 अप्रैल, 2023 तक शेष जिलों बाड़मेर, अलवर, दौसा, नागौर, टोंक, करौली, सवाई माधोपुर, बारां, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ के सभी ग्रामीण फीडरों पर दिन के ही ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति के लिए, तंत्र को सुदृढ़ करने की व्यवस्था की जायेगी। इस हेतु आगामी तीन वर्षों में 220 केवी के 6 नये जीएसएस, 132 केवी के 30 नये जीएसएस की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त, 33 केवी के 287 नये सब-स्टेशन स्थापित किये जायेंगेसाथ ही, 1 हजार 500 सब-स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि की जायेगी। इस प्रकार उपरोक्त व्यवस्था से 3 वर्ष में राज्य के सभी किसानों को दिन के दो ब्लॉक में कृषि हेतु विद्युत उपलब्ध करवायी जा सकेगी। जिस पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा।

 

 

123. इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रथम वर्ष 2020-21 में 220 केवी के 3 जीएसएस अकलेरा जिला झालावाड़, रावतसर जिला हनुमानगढ़ में नये तथा छतरगढ जिला बीकानेर में, क्षमतावृद्धि पश्चात् कमीशन किये जायेंगेइसके साथ ही, 132 केवी के 9 नये जीएसएस नाहरगढ़ जिला बारां, चौरड़ी जिला बांसवाड़ा, बालेर जिला सवाईमाधोपुर, नेगाडिया दानपुर जिला बांसवाड़ा, मोहनगढ़ व झिनझिनयाली जिला जैसलमेर, टिब्बी जिला हनुमानगढ़, जेरण जिला जालोर, कारौली जिला अलवर कमीशन किये जायेंगे। .

 

124. इस वर्ष चांदेरा तहसील सिकराय, अड्डा पंचायत समिति बयाना, भैंसिना पंचायत समिति वैर, दिवली पंचायत समिति वैर, मोलोनी पंचायत समिति वैर, निवाई पीपलू का झिराना बड़गांव, बेंगू तहसील में जोगणिया माता, तहसील गंगरार में मंडपिया, डीडवाना में खोजास एवं बरागना, करौली में पेंटोली एवं शेरपुर में 33 केवी के नये सब-स्टेशन स्थापित किये जायेंगे

सार्वजनिक निर्माणः

 

125. सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 6 हजार 808 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है

 

126. राज्य में सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से प्रथम चरण में निम्न क्षतिग्रस्त सड़कों के नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार का कार्य आगामी वर्ष में किया जायेगा, जिस पर लगभग 400 करोड़ रुपये का व्यय होगा:-. NH-52 मोदी विश्वविद्यालय से बड़काबालाजी 5 करोड़ रुपये लक्ष्मणगढ़ जिला सीकर पुष्कर से करकेड़ी जिला अजमेर 75 लाख रुपये बांसवाड़ा जिले में संपर्क सड़क देवका 4 करोड़ रुपये बाड़मेर जिले में जालीपा-हरसाणी 3 करोड़ रुपये दौसा-कुंडल-बांदीकुई-कठूमर जिला दौसा 5 करोड़ रुपये बूंदी-अलोद-मेण्डी सड़क जिला बूंदी 20 करोड़ रुपये विराट नगर जयपुर से चिलपाली मोड 30 करोड़ रुपये वाया पालड़ी तिराहा बीकानेर शहर की सड़कें 7 करोड़ 50 लाख रुपये उक्त सड़कें राज्य की सर्वाधिक क्षतिग्रस्त स्थिति की हैं, जिनको प्रथम चरण में लिया गया हैशेष जिलों की इस तरह की क्षतिग्रस्त सड़कों के कार्य द्वितीय चरण में किये जायेंगे.

 

127. प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम व द्वितीय फेज का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इस योजना के फेज तृतीय में मार्च 2025 तक राज्य की 8 हजार 663 किलोमीटर लम्बाई की ग्रामीण सड़कों का लगभग 4 हजार 245 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन करवाया जाना प्रस्तावित है

 

परिवहनः

 

128. प्रदेश में कहीं भी सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति को दुर्घटना के तुरन्त बाद नजदीकी निजी अस्पताल में ले जाये जाने पर, ऐसे निजी अस्पताल द्वारा उसका उपचार करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अस्पताल के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की सकेगी। इसके लिए जरूरत पड़ी तो आवश्यक कानूनी प्रावधान भी किये जायेंगे। इसके लिए पृथक् से दिशा-निर्देश जारी किये जायेंगे।

 

129. परिवार में असमय हुई मृत्यु मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक आघात लाती हैराज्य में हर साल लगभग 10 हजार 500 व्यक्ति सड़क दुर्घटनाओं में काल कवलित हो जाते हैं। इन सड़क दुर्घटनाओं में कमी कैसे हो, इसके लिए हमारी टीम तमिलनाडु मॉडल का अध्ययन करके आयी हैतमिलनाडु, सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की कमी लाकर सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। हम सब मिलकर राजस्थान में ऐसा क्यों नहीं कर सकते सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए तमिलनाडु की तर्ज पर रोड मैप तैयार किया जायेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जायेगा, जिसमें संबंधित विभागों के मंत्रीगण, मुख्य सचिव, डीजीपी, अतिरिक्त डीजीपी यातायात एवं संबंधित विभागों के प्रशासनिक सचिव शामिल होंगे। यह कमेटी वर्ष में दो बार स्थिति की समीक्षा करेगी। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समर्पित सड़क सुरक्षा कोष की स्थापना की गई है, जिससे लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जायेगी। की राशि उपलब्ध करवाई जायेगी।

 

 

130. राज्य में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले जिलों को प्रोत्साहित करने के लिए सड़क दुर्घटना मृत्यु दर कम करने वाले सर्वश्रेष्ठ तीन जिलों को क्रमशः 25 लाख रुपये, 15 लाख रुपये एवं 10 लाख रुपये का 'मुख्यमंत्री सड़क सुरक्षा पुरस्कार दिये जाने की घोषणा करता हूँ

 

 

131. सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के उपचार हेतु समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से राज्य के 40 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को Primary Trauma Centre के रूप में विकसित किया जायेगा, जिस पर 10 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है।

 

 

132. आमजन की सुविधा के लिए समस्त प्रादेशिक परिवहन कार्यालयों में पासपोर्ट सेवा केन्द्र की तर्ज पर लाईसेन्स एवं पंजीयन सम्बन्धी सेवायें उपलब्ध कराने हेतु निजी क्षेत्र के माध्यम से Front Office Management System संचालित किये जायेंगे

 

 

133. जोधपुर जिले के पीपाड़ शहर परिवहन कार्यालय को जिला परिवहन कार्यालय में क्रमोन्नत किया जायेगा.

 

 

134. छात्र-छात्राओं एवं आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरुक एवं शिक्षित करने के लिये राज्य के प्रत्येक जिले में ट्रेफिक पार्क स्थापित किये जायेंगे, जिस पर 16 करोड़ 50 लाख रुपये व्यय किये जायेंगे

 

जल संसाधन एवं सिंचित क्षेत्र विकासः

 

 

135. जल संसाधन विभाग के लिए वर्ष 2020-21 में कुल 4 हजार 557 करोड़ 87 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

136. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (Eastern Rajasthan Canal Project-ERCP) को सिंचाई एवं जलदाय के लिए top priority में सम्मिलित करने का निश्चय किया जा रहा है। यह योजना राजस्थान के 13 जिलों झालावाड़, बारां, कोटा, बूंदी, सवाईमाधोपुर, अजमेर, टोंक, जयपुर, दौसा, करौली, अलवर, भरतपुर तथा धौलपुर के लिए पेयजल एवं सिंचाई की दृष्टि से अतिमहत्वपूर्ण है, जिसकी अनुमानित लागत 37 हजार 247 करोड़ रुपये हैयह परियोजना पूर्वी जिलों के लिए वैसी ही जीवनदायिनी हो सकती है, जैसी पश्चिमी जिलों के लिए इंदिरा गांधी नहर परियोजना रही हैप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने जयपुर एवं अजमेर में इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मान्यता देने हेतु आश्वस्त किया था। मैं भी दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री जी को स्मरण करवा चुका हूँ

 

 

137. सरकार बांध पुनर्वास एवं सुधार परियोजना (DRIP) के अन्तर्गत आगामी वर्षों में 503 करोड़ रुपये के कार्य करवायेगीपरियोजना के प्रथम चरण में वर्ष 2020-21 में 18 बांधों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण तथा सुरक्षा संबंधी कार्य प्रारंभ किये जायेंगे, जिसमें बीसलपुर, माही, जवाई, जाखम, सोम कमला अम्बा, छापरवाड़ा, मातृकुण्डिया, गंभीरी, जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर, कोटा बैराज इत्यादि प्रमुख बांध सम्मिलित हैं

 

 

138. राजस्थान जल क्षेत्र पुनर्संरचना परियोजना (RWSRPD) के अंतर्गत इंदिरा गांधी नहर परियोजना पर इस वर्ष 245 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं, जिससे हनुमानगढ़ जिले के रावतसर, टिब्बी व हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ व अनूपगढ़ तथा बीकानेर जिले के खाजूवाला तहसील क्षेत्र के काश्तकारों को इसका लाभ मिलेगावर्ष 2020 के क्लोजर में सिरसाहरियाणा, रावतसर, टिब्बी एवं सूरतगढ़ की मुख्य नहरों में तथा सूरतगढ़, अनूपगढ़ व रावतसर डिस्ट्रीब्यूटरी आदि की लगभग 44 किलोमीटर लंबाई में रिलाईनिंग का कार्य किया जायेगा। आगामी वर्ष में इस पर 378 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा

 

139. राजस्थान फीडर एवं सरहिन्द फीडर के रिलाईनिंग हेतु भारत सरकार व पंजाब सरकार के साथ MoU किया गया हैइसके लिए, मैं जुलाई 2019 में पंजाब के मुख्यमंत्री जी से भी मिला था। मुझे खुशी है कि पंजाब द्वारा दिसंबर, 2019 में सरहिन्द फीडर के सर्वाधिक क्षतिग्रस्त लगभग 17 किलोमीटर में रिलाईनिंग का कार्य संपादित करवा दिया गया है।

 

140. _ERCP परियोजना के अन्तर्गत वर्तमान में कालीसिंध नदी के अधिशेष जल को बनास नदी में अपवर्तित करने हेतु 602 करोड़ रुपये की लागत से नवनैरा बैराज का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इस कार्य से कोटा, बूंदी व बारां जिले को लगभग 54 MCM अतिरिक्त जल पेयजल हेतु उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, शेष अतिरिक्त जल बीसलपुर बांध में अपरिवर्तित किया जा सकेगा। आगामी वित्तीय वर्ष में इसके लिए 175 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है

 

141. भरतपुर जिले के कामां, कुम्हेर एवं डीग क्षेत्र के काश्तकारों हेतु सिंचाई सुविधा सुदृढ़ करने के लिए अगले वित्तीय वर्ष में गुड़गांव मुख्य नहर की 23 माईनरों के जीर्णोद्धार के कार्य 70 करोड़ रुपये की लागत से कराये जायेंगे।

 

142. सवाईमाधोपुर नगरपालिका क्षेत्र में बनास नदी पर भारजा नदी ग्राम के पास घोषित एनिकट के कार्य को इस वर्ष हाथ में लिया जायेगा, जिस पर 33 करोड़ रुपये का व्यय होना प्रस्तावित है।

 

143. हमारे लिए हर्ष का विषय है कि अभी कल ही भारत सरकार के सेंट्रल बोर्ड ऑफ इरिगेशन एण्ड पॉवर (CBIP) द्वारा प्रदेश को जल प्रबंधन के क्षेत्र में 2 श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर के CBIP Award-2020 से सम्मानित किया गया है।

स्थानीय निकाय एवं नगरीय विकासः

 

144. प्रदेश में मण्डावरी जिला दौसा, बस्सी जिला जयपुर, रामगढ़ जिला अलवर, बानसूर जिला अलवर, जायल जिला नागौर एवं भोपालगढ़ जिला जोधपुर में नगरपालिकाओं का गठन प्रस्तावित है।

 

145. प्रदेश के जिन 9 जिला मुख्यालयों सिरोही, जैसलमेर, करौली, दौसा, बाड़मेर, बांसवाड़ा, बूंदी, धौलपुर एवं प्रतापगढ़ पर टाउनहॉल नहीं थे, उनमें से इस वर्ष सिरोही एवं जैसलमेर में टाउन हॉल का निर्माण करवाया जा रहा हैइसी क्रम में अगले वर्ष धौलपुर एवं करौली में कुल 30 करोड़ रुपये की लागत से टाउन हॉल बनवाये जायेंगे

 

 

146. जोधपुर आज पर्यटन, साहित्यिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि के लिए बड़े केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा हैजोधपुर शहर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों के लिए एक आधुनिक बड़े ऑडिटोरियम की कमी महसूस की जा रही है।

 

147. भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन यहां हो सकें, इसे देखते हुए जोधपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। आगामी वर्ष में इसकी DPR तैयार करवाई जायेगीइस हेतु 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा

 

148. सीवर की सफाई करते हुए कई बार जनहानि होने की घटनायें सामने आती रही हैंएक सभ्य समाज के लिए यह कतई स्वीकार योग्य नहीं हैसीवर सफाई कार्य में मानवीय उपयोग निषेध मानते हुए यह कार्य मशीनों द्वारा किये जाने के लिए सभी निकायों द्वारा सीवर सफाई कार्य एवं ठोस कचरा प्रबंधन और निस्तारण के लिए आवश्यक यंत्र एवं उपकरण खरीदे जायेंगे। इस पर कुल 176 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है। संबंधित जिला प्रशासन एवं स्थानीय निकाय यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी मानव को सीवरेज के मेनहोल (गटर) में नहीं उतारा जाये । इस संबंध में शिकायत मिलने पर सम्बन्धित निकाय अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी।

 

149. सीवर ब्लॉकेज के कारण होने वाली समस्या को ध्यान में रखते हुए जोधपुर नगर निगम में एक सुपर सकर (Super Sucker) मशीन खरीदी जायेगी, जिस पर लगभग 2 करोड़ रुपये का व्यय होगा।

 

150. वित्तीय वर्ष 2020-21 में RUDP चतुर्थ चरण के अंतर्गत 7 शहरों आबूरोड, सिरोही, कुचामनसिटी, सरदारशहर, बांसवाड़ा, खेतड़ी एवं मण्डावा में सीवरेज एवं जलप्रदाय के कार्य करवाये जायेंगे। इसके अलावा 6 शहरों रतनगढ़, फतेहपुर, लाडनूं, डीडवाना, मकराना व प्रतापगढ़ में सीवरेज कार्य एवं लक्ष्मणगढ़ शहर में जल प्रदाय कार्य करवाये जायेंगे। इससे 14 शहरों के लगभग 10 लाख लोग लाभान्वित होंगे, जिस पर लगभग 2 हजार 300 करोड़ रुपये का व्यय होगा।

 

151. जयपुर शहर के सिविल लाईन रेलवे फाटक पर जेडीए द्वारा 75 करोड़ रुपये की लागत से 4 लाईन के RoB का निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जायेगा। पुलिस मेमोरियल से आदर्श नगर होते हुए मनोचिकित्सालय तक ऐलीवेटेड रोड की डीपीआर, जेडीए एवं ओटीएस चौराहे पर यातायात सुगम बनाने हेतु feasibility study करवायी जायेगी

 

152... JDA द्वारा रामनिवास बाग में दो मंजिले भूमिगत पार्किंग फेज-2 का निर्माण करवाया जायेगा, जिस पर 100 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे

153. जोधपुर शहर की जोजरी नदी में साल भर उपचारित जल की उपलब्धता के लिए तीन STP बनाये जायेंगे

 

154. आवासन मंडल द्वारा प्रताप नगर, जयपुर में लगभग 65 हजार वर्गमीटर भूमि पर कोचिंग हब बनाया जायेगा।

 

155. भीलवाड़ा के नगर विकास न्यास द्वारा सांगानेर उप नगर को मुख्य शहर से जोड़ने हेतु कोठारी नदी पर 30 करोड़ रुपये की लागत से हाईलेवल ब्रिज बनवाया जायेगा।

 

156. उदयपुर शहर की ऐतिहासिक आयड़ नदी के पुनरूद्धार व सौन्दर्यकरण पर न्यास द्वारा 75 करोड़ रुपये एवं सीवरेज परियोजना, सीसारमा हेतु 8 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा। साथ ही, उदयपुर शहर स्थित अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं व अन्य कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था हेतु 25 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा।

 

157. कोटा शहर में सुचारू यातायात के लिए नगर विकास न्यास द्वारा अण्टाघर चौराहा, एरोड्रम सर्किल एवं गोबरिया बावड़ी चौराहे पर अण्डरपास का निर्माण कार्य, सिटी मॉल के सामने, आनन्तपुरा तिराहे पर, इंदिरा गांधी तिराहे पर ऐलिवेटेड सड़क का निर्माण कार्य प्रारम्भ करवाया जायेगा इन सभी पर लगभग 250 करोड़ रुपये का व्यय सम्भावित है

 

158. कोटा शहर में ऑक्सीजोन (सिटी पार्क) के निर्माण कार्य पर न्यास द्वारा लगभग 100 करोड़ का व्यय किया जायेगा। साथ ही, शहर में चल रहे डेयरी व्यवसायों को सुव्यवस्थित रूप से बसाने के लिए देवनारायण एकीकृत आवासीय योजना विकसित की जायेगी, जिस पर अनुमानित व्यय 300 करोड़ रुपये का होगा।

सातवां संकल्प-कौशल व तकनीक प्रधान कौशल एवं रोजगारः

159. हमारी यह कोशिश रहेगी कि हम राज्य को, Skill एवं IT के तालमेल से physical to digital eco system की ओर ले जायें। इसी क्रम में प्रदेश के समस्त 229 राजकीय ITI में e-Class room के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जायेगा

 

160. विद्यार्थियों में ग्यारहवीं कक्षा से ही उनकी प्रतिभा और अभिरूचि के अनुसार कौशल विकास के लिए मुख्यमंत्री कौशल मार्गदर्शन योजना प्रारंभ की जायेगी

 

161. Rajiv Gandhi Digital Skill Program के तहत राजस्थान नॉलेज कारपोरेशन लिमिटेड (RKCL) द्वारा युवाओं के लिये राज्य कौशल विकास विश्वविद्यालय (RISU) के सहयोग से emerging new digital technologies जैसे कि Artificial Intelligence, Big Data Analytics एवं Robotics इत्यादि में On-line Digital Skills के कोर्सेज शुरू किये जायेंगे।

162. मैं, अप्रवासी राजस्थानी श्रमिक भाईयों के लिए कल्याणकारी योजनायें लागू करवाने हेतु 10 करोड़ रुपये के प्रवासी राजस्थानी श्रमिक कल्याण कोष के गठन की घोषणा करता हूँ।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी:

 

163. भरतपुर में एक नवीन क्षेत्रीय विज्ञान कार्यालय खोला जायेगा

सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार:

 

164. हमारे द्वारा बड़े reforms के रूप में सरकारी सेवाओं की गांरटीड डिलिवरी के लिए राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम-2011 एवं राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम-2012 भी लाया गया, परंतु गत सरकार ने इनके implementation पर ध्यान नहीं दिया। अब मुख्य सचिव स्तर पर कमेटी का गठन किया जाकर इन अधिनियमों को सही तरीके से लागू किया जायेगा।

165. आपको जानकर प्रसन्नता होगी कि हमारी सरकार द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 4 के प्रावधानों के अनुरूप जनसूचना पोर्टल बनाया गया है। इस पोर्टल पर 27 विभागों की 51 योजनाओं/सेवाओं की 144 प्रकार की जानकारियां उपलब्ध करवायी जा रही हैं। बेहद कम समय में ही लगभग 8 लाख 30 हजार विजिटर्स द्वारा विभिन्न सेवाओं की लगभग 50 लाख सूचनायें प्राप्त की जा चुकी हैं। इसी दिशा में, अब सरकार अन्य विभागों एवं उनकी योजनाओं/सेवाओं को जनसूचना पोर्टल पर लायेगी।

166. 20 अगस्त, 2019 को भारत रत्न राजीव गांधी जी के जन्मदिन के अवसर पर जयपुर में I.T. आधारित प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसमें पूरे प्रदेश से आये बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों के उत्साह को देखते हुए हमने तय किया है कि स्टार्टअप्स के विकास के लिए 75 करोड़ रुपये के 'राजीव @75 फण्ड' की स्थापना की जायेगी। राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं (जैसे आईआईटी-जोधपुर, बिट्स-पिलानी, एमएनआईटी-जयपुर, एम्सजोधपुर आदि) सहित अन्य संस्थानों में स्थापित incubators को i-Start राजस्थान से जोड़ा जायेगा

167. इस वित्त वर्ष में Ease of Doing Business (EoDB) के तहत ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम (BPAS) को प्रदेश के जयपुर विकास प्राधिकरण, जोधपुर विकास प्राधिकरण, अजमेर विकास प्राधिकरण सहित 14 विकास न्यासों में सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। अब इस सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी नगर निकायों में लागू किया जाना प्रस्तावित है।

168. सरकार द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधीजी की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों को 'राजीव गांधी ग्रामीण आईटी हब-राजगृह' (RAJGRIH) के रूप में विकसित कर ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेस सेवाओं की प्रदायगी को और मजबूती प्रदान करने का संकल्प लिया गया है

169. Artificial Intelligence के क्षेत्र में मानव संसाधन विकास हेतु प्रदेश में एक Artificial Intelligence Lab की स्थापना की जायेगी, जिसके माध्यम से .. नवयुवकों को इस तकनीक में उच्च श्रेणी का प्रशिक्षण दिया जायेगा

170. गत बजट में की गई घोषणा के अनुरूप भामाशाह की जगह राजस्थान जन-आधार योजना सफलतापूर्वक प्रारम्भ की जा चुकी है। अब तक लगभग 1 करोड़ 75 लाख परिवार एवं 6 करोड़ 50 लाख व्यक्ति इस पर नामांकित किये जा चुके हैं। जन-आधार कार्ड का उपयोग 39 योजनाओं में प्रारंभ हो चुका है। अब, आमजन को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के समस्त लाभ, जन-आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध करवाये जायेंगे

। कला एवं संस्कृतिः

171. हमारे पिछले कार्यकाल में राज्य में नागरिकों की उल्लेखनीय सेवा एवं गुणों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान रत्न पुरस्कार से सम्मानित किये जाने की योजना लागू की गई थी, जिसे पिछली सरकार ने बंद कर दिया था। अब मैं, इस योजना को पुनः लागू करने की घोषणा करता हूँ

172. प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित तथा संरक्षित रखने के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में जोधपुर, अजमेर, अलवर, बूंदी, भरतपुर, बीकानेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, चूरू, धौलपुर, झुंझुनूं, जैसलमेर, सीकर, सिरोही एवं उदयपुर के 22 स्मारकों का पुनरूद्धार करवाया जायेगा। इसके लिए 22 करोड़ 70 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।

 

173. राजस्थान राज्य अभिलेखागार, बीकानेर सहित जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा व अलवर कार्यालयों में उपलब्ध लगभग 2 करोड़ ऐतिहासिक अभिलेखों का digitization तथा microfilming कर उन्हें ऑनलाइन किया जायेगा, जिससे देश-विदेश के शोधार्थी व आमजन अभिलेखों का आसानी से अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा

 

174. श्री जयनारायण व्यास स्मृति भवन (टाउन हॉल) जोधपुर शहर का एकमात्र प्रेक्षागृह है, जिसके जीर्णोद्धार हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा।

वन एवं पर्यावरणः

 

175. प्रदूषण की दृष्टि से देश के कई शहर खतरे की सीमा पर हैंराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इसका एक ज्वलंत उदाहरण है, जो हम सभी के लिए एक चुनौती है। राज्य में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जनभागीदारी से सघन वृक्षारोपण जैसे कार्य करवाये जायेंगे

176. गुरूनानक देव जी की 550वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में 5 जिलों हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, कोटा, अलवर एवं बूंदी में गुरूद्वारा प्रबंधन समिति के सहयोग से एक विद्यमान उद्यान/नये उद्यान को गुरूनानक जयन्ती पार्क के रूप में विकसित किया जायेगाइस पर कुल 1 करोड़ 25 लाख रुपये का व्यय होगा।

 

177. राज्य में वनों की उत्पादकता बढ़ाने और ईमारती लकड़ी, बांस एवं लघु वन उपज के उत्पादन में वृद्धि हेतु 'राजस्थान राज्य वन विकास निगम गठित किया जायेगा।

 

178. पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य के प्रत्येक जिले की 'जिला पर्यावरण योजना' तथा राज्य के लिए ‘राज्य पर्यावरण योजना' बनायी जायेगीइस पर वर्ष 2020-21 में 3 करोड़ 50 लाख रुपये व्यय होंगेखेजड़ली में पर्यावरण संरक्षण के लिए बलिदान करने वाली अमृता देवी को समर्पित 10 लाख रुपये की लागत से एक शहीद स्मारक का निर्माण किया जायेगा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्तिः

 

179. प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सप्लाई चैन मैनेजमेंट सिस्टम के सुदृढ़ीकरण हेतु समस्त जिला रसद कार्यालयों, खाद्य विभाग मुख्यालय एवं राजकीय गोदामों का कंप्यूटरीकरण किया जायेगा। इस हेतु लगभग 16 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे

180. उचित मूल्य दुकानदारों की आय में वृद्धि के लिए उचित मूल्य दुकानों पर ई-मित्र केन्द्र स्थापित करने हेतु अधिकृत किया जायेगासहायता, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षाः

181. आगामी वर्ष में नागरिक सुरक्षा एवं State Disaster Response Force की क्षमता संवर्धन हेतु 10-10 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाये जायेंगे। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग को बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव कार्य हेतु 12 करोड़ रुपये के उपकरण एवं वन विभाग को जंगलों में लगने वाली आग को तत्काल नियंत्रित करने हेतु लगभग 3 करोड़ रुपये के अग्निशमन यंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। साथ ही, प्राकृतिक आपदा के समय निगरानी हेतु समस्त जिला कलक्टर्स को ड्रोन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है

 

182. आगजनी की घटनाओं पर रोकथाम हेतु 26 करोड़ रुपये की लागत के उच्च क्षमता वाले 100 अग्निशमन वाहन (Fire Tenders) जिलों में उपलब्ध करवाये जायेंगेइनके संचालन हेतु 500 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा

 

गृहः

 

183. जैसा कि विदित है सरकार ने थाने में प्रकरण दर्ज नहीं किये जाने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में FIR दर्ज करवाने की व्यवस्था की गई है। थानों में प्राप्त समस्त परिवादों को CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and System) पर online दर्ज करवाने की भी व्यवस्था कर दी गई है। ऐसा करने वाला राजस्थान, देशभर में पहला राज्य है गत वर्ष हमारे द्वारा की गई घोषणा के क्रम में अब तक 486 पुलिस थानों में स्वागत कक्षों के निर्माण की स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं एवं कार्य प्रगति पर है

 

184. पुलिस को संसाधनों से लैस करने के लिए 70 करोड़ रुपये के 1 हजार 682 नवीन वाहन उपलब्ध करवाये जा रहे हैं

 

185. राज्य में ERSS (Emergency Response Support System) चरणबद्ध रूप से स्थापित करने की घोषणा हमने गत बजट में की थी, ताकि आपात स्थिति में 108 की तर्ज पर 112 नम्बर डायल करने पर एक निश्चित अल्पावधि में मोबाईल पुलिस यूनिट घटना स्थल पर पहुंच सके इसी क्रम में इस वर्ष यह व्यवस्था पायलट बेसिस पर अलवर तथा भरतपुर जिले में प्रारंभ की जा रही है। आगामी वर्ष में योजना को चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है

 

186. प्रदेश में पनप रहे विभिन्न प्रकार के माफिया गिरोहों के विरूद्ध राज्य की पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान को सुदृढ़ करने के लिए SOG में दो नई फील्ड यूनिट्स स्वीकृत की जायेंगी। साथ ही, मादक पदार्थों और नशीली दवाओं की रोकथाम के लिए SOG में एक नई एण्टी नारकोटिक यूनिट का गठन किया जायेगा।

 

187. पश्चिमी राजस्थान में विकसित हो रही रिफाइनरी, तेल उत्पादन, सौर और पवन ऊर्जा एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध करवाने के लिए बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर तथा जैसलमेर के पुलिस थानों को अतिरिक्त मोबाईल यूनिट मुहैया करवायी जायेगी और चिन्हित थानों को क्रमोन्नत तथा पुलिस चौकियों को सुदृढ़ किया जायेगा

188. वर्तमान में राज्य में केवल जयपुर में DNA Test की सुविधा उपलब्ध है। आपराधिक प्रकरणों में DNA Test के महत्व को देखते हुए प्रथम चरण में क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला, जोधपुर में तथा द्वितीय चरण में क्षेत्रीय विधि प्रयोगशाला, अजमेर में DNA खंड प्रारंभ किया जायेगा

सामान्य प्रशासन एवं प्रशासनिक सुधार:

 

189. राज्य में सरकारी सेवाओं के रूप में नागरिकों को घर पर ही जन्म, जाति, मूल-निवास, आय, विवाह आदि प्रमाण पत्र, ड्राईविंग लाईसेंसरिन्यूवल, पेयजल कनेक्शन, पेंशन पीपीओ आदि हेतु नियमानुसार आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कराने पर, इनकी door step डिलीवरी के लिए जयपुर एवं जोधपुर में पायलट प्रोजेक्ट प्रारंभ करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जायेगी

 

190. जयपुर एयरपोर्ट पर स्टेट फ्लाईंग स्कूल (क्लब) पुनः प्रारंभ किया जायेगा।

 

191. प्रदेश के 6 जिलों के जिला गजेटियर्स का लेखन/अद्यतन का कार्य प्रगति पर है। शेष जिलों के जिला गजेटियर्स को अद्यतन करने का कार्य इसी वित्तीय वर्ष में हाथ में लिया जायेगा।

राजस्व एवं सैनिक कल्याण:

192. आगामी वित्तीय वर्ष में उपखंड, तहसील, उप-तहसील कार्यालयों एवं आवासों के कुल 35 भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये के कार्य प्रारम्भ किये जायेंगे

193. राज्य में 294 उपखण्ड कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से प्रत्येक उपखण्ड कार्यालय में आवश्यकतानुसार 1 कनिष्ठ सहायक एवं 1 सूचना सहायक का पद सृजित किया जायेगा। इस पर लगभग 20 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय होगा

 

194. राज्य सरकार द्वारा कृषि ऋण रहन पोर्टल बनाया गया है, जिसके माध्यम से किसान कृषि ऋण हेतु किसी भी बैंक में आवेदन कर सकेगा। संपूर्ण प्रदेश में इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहन नामान्तरकरण की सारी प्रक्रिया ऑनलाईन एवं पेपरलेस की जायेगी

195. राज्य के सभी जिलों में आधुनिक सर्वे उपकरण के माध्यम से सीमाज्ञान तथा भू-प्रबन्ध कार्य करवाये जाने हेतु 12 आधुनिक सर्वे उपकरण (DGPS) उपलब्ध करवाये जायेंगे

196. प्रदेश के 24 जिला सैनिक कार्यालयों में आगन्तुक पूर्व सैनिक एवं उनके परिवारजनों हेतु सुविधायें विकसित करने के लिए राशि 5 लाख रुपये प्रति जिले की दर से जिला सैनिक कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया जाना प्रस्तावित है

197. राज्य के 14 जिलों दौसा, झालावाड़, धौलपुर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, हनुमानगढ़, सिरोही, बारां, बीकानेर, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर, बूंदी, टोंक एवं करौली में शहीद स्मारक बने हुए नहीं हैइन सभी स्थानों पर एकरूपता को ध्यान में रखते हुए राशि 2 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से शहीद स्मारकों का निर्माण करवाया जाना प्रस्तावित है

देवस्थानः

198. जैसाकि विदित है, राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2019 में इस बात को सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रदेश से समानुपातिक भागीदारी के रूप में हर क्षेत्र से वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया जाये, साथ ही अगले वर्ष इस योजना का विस्तार भी प्रस्तावित है

न्याय प्रशासन :

199. राज्य में निर्धारित मापदण्ड अनुसार प्रथम चरण में आगामी वर्ष 48 नये कोर्ट खोले जायेंगेइनमें सीनियर CJ and ACJM कोर्ट बानसूर (अलवर), रायपुर (भीलवाड़ा), टोडाभीम (करौली) तथा ADI कोर्ट अटरू (बारा), देसूरी (पाली) बिलाड़ा (जोधपुर) एवं ACJ and JM कोर्ट नाथद्वारा (राजसमन्द) शामिल हैं। साथ ही, CJ and JM कोर्ट नावां को सीनियर CJ and ACJM कोर्ट में क्रमोन्नत किया जायेगा

 

कर्मचारी कल्याणः

200. राज्य का प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी शासन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। इनका ध्यान रखना हमारी जिम्मेवारी हैमैं जुलाई 2019 से महंगाई भत्ते को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत किये जाने की घोषणा करता हूँ।

201. जैसाकि विदित है कि हमारे द्वारा अपने वर्तमान कार्यकाल में अब तक 34 हजार 682 नई नियुक्तियां दी चुकी हैं एवं 82 हजार नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैंराज्य के विभिन्न विभागों में आने वाले वर्ष में नियमानुसार भर्तियां की जायेंगी। इससे एक ओर जहां युवाओं को रोजगार मिलेगा वहीं दूसरी ओर शासन व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। उक्त भर्ती प्रक्रिया को सतत रखते हुए वर्ष 2020-21 में लगभग 53 हजार पदों पर भर्तियां की जायेंगी:क्र.सं. विभाग का नाम कुल पद 1 Medical & Health 2 Medical Education 3 Co-operative 4 | Education 5 | Local Self Govt. 6 | Home 7 GAD Total 4,369 | 573 | 1.000 | 41,000 1,039 5,000 | 200 53,181

अध्यक्ष महोदय,

202. विधानसभा के माननीय सदस्यों के जयपुर में सरकारी आवास को लेकर समस्या बनी रहती हैइसके उचित समाधान की दृष्टि से जालूपुरा स्थित विधायक आवास परिसर का नियमानुसार निष्पादन करके, विधानसभा परिसर के समीप बहुमंजिला आवासीय भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया है।

203. गत वर्ष हमारे द्वारा नवीन सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, सिलिकोसिस एवं MSME सम्बन्धी नीतियां जारी की गई। इसी कड़ी में आगामी वर्ष में बालिकाओं तथा महिलाओं के समग्र विकास हेतु महिला कल्याण नीति, कृषकों के उत्थान हेतु राजस्थान FPO (Farmer Producer Organization) नीति, शिल्प कला के विकास हेतु हस्तशिल्प नीति एवं स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप नीति लागू की जायेगी।

 

204. हमारे प्रदेशवासियों के आने वाले कल के लिए मैंने विस्तार से अपनी कार्ययोजना सदन के सम्मुख रखी है। हमारा कल सुनहरा हो, इसके लिए हमारी सरकार पूरे समर्पण से जुटी हुई है। प्रदेश के विकास के जो सात संकल्प इस बजट में हमने तय किये हैं, वही आगामी वर्ष के लिए हमारा प्रमुख एजेंडा होगा। मेरी प्रतिबद्धता सदैव शासन की जवाबदेही और सेवाओं की प्रभावी व समयबद्ध अदायगी पर रही है। हम आगे भी ऐसा करते रहेंगे।

205. मैं वर्तमान की चुनौतियां समझता हूँ और आप सभी के सहयोग से इन चुनौतियों को अवसरों में बदलना चाहता हूं।

जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है

अपने इरादों का इम्तिहां अभी बाकी है

अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीं

आगे अभी सारा आसमां बाकी है।

कर प्रस्ताव 206.

माननीय अध्यक्ष महोदय, आपकी अनुमति से, मैं कर प्रस्ताव सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग :

207. आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार, स्थानीय निकायों, राजकीय संस्थाओं द्वारा जारी पट्टों पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना, सम्पत्ति के बाजार मूल्य (DLC) के स्थान पर, पट्टों पर वसूल की गई राशि पर किये जाने की घोषणा करता हूँ।

208. MSME एक्ट 2019 की सफलता के क्रम को आगे बढ़ाते हुये मैं, Sick (बीमार) सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को सम्पत्तियों के हस्तांतरण पर स्टाम्प ड्यूटी में शत-प्रतिशत छूट व पंजीयन शुल्क में रियायत देने तथा ऐसे उद्योगों के नीलामी में विक्रय पर स्टाम्प ड्यूटी की गणना नीलामी राशि पर किये जाने की घोषणा करता हूँ

209. राज्य में निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र; नीमराना, भिवाड़ी, अलवर आदि की भूमियों, विशेषकर ग्रुप हाउसिंग योजनाओं की DLC दरों में वर्षों से व्याप्त विसंगतियों को दूर कर रियल एस्टेट में निवेश व उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जायेगा।

210. वर्षों से लम्बित स्टाम्प प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए एमनेस्टी योजना लागू की जायेगी, जिसके तहत दिनांक 30 जून, 2020 तक बकाया स्टाम्प ड्यूटी जमा कराने पर ब्याज व शास्ति की शत-प्रतिशत छूट देने की घोषणा करता हूँ।

211.. प्रदेश में उद्योगों को सुगमता से भूमि उपलब्ध कराने एवं रियल एस्टेट क्षेत्र को मंदी से उबारने के लिए भूमि की वर्तमान DLC दरों को 10 प्रतिशत घटाकर स्टाम्प ड्यूटी की दर को 1 प्रतिशत बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। वर्ष 2020-21 में भी DLC दरें नहीं बढ़ाई जायेंगी

 

212. राज्य में ई-गवर्नेस को बढ़ावा देने के लिये नेशनल ई-गवर्नेस सर्विसेज लिमिटेड (NeSL) के पोर्टल पर ऑनलाईन निष्पादित होने वाले ऋण दस्तावेजों पर स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SHCIL) के माध्यम से ऑनलाईन स्टाम्प ड्यूटी जमा कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी

 

213. स्टाम्प ड्यूटी की गणना एवं वसूली के लिए राज्य में निष्पादित दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के लिए एक माह तथा राजस्थान से बाहर निष्पादित लेकिन राज्य में स्थित सम्पत्तियों से संबंधित दस्तावेजों के लिए तीन माह की अवधि निर्धारित की जायेगी

 

214. वर्तमान में प्रचलित भूमि कर (Land Tax) से संबंधित प्रावधानों का सरलीकरण किया जायेगा तथा भूमिकर की दरों को तर्कसंगत करते हुए इसके भुगतान की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जायेगा

 

215. बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं द्वारा निष्पादित ऋण दस्तावेजों पर एकमुश्त अग्रिम स्टाम्प ड्यूटी के भुगतान की सुविधा दिया जाना प्रस्तावित है।

 

216. भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 में हाल ही में किये गये संशोधन से Securities Instruments पर स्टाम्प ड्यूटी की एक समान दर व राज्यों में वितरण की व्यवस्था तय की गई हैइस प्रकार के प्रावधान राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 में भी किए जायेंगे

 

217. दस्तावेज की वास्तविक श्रेणी छिपाकर स्टाम्प ड्यूटी की अपवंचना (Evasion) करने के मामलों में कलक्टर (स्टाम्प) को सिविल कोर्ट की शक्तियां प्रदान की जायेंगी।

 

वाणिज्यिक कर विभाग :

 

218. GST लागू होने पर आ रही अड़चनों को दूर करने व व्यापारियों की सुविधा की दृष्टि से वाणिज्यिक कर विभाग का समग्र पुनर्गठन किया जायेगा तथा जीएसटी Audit एवं Anti-Evasion कार्य के सुदृढ़ीकरण के लिये वित्त विभाग में ऑडिट प्राधिकरण एवं बिजनेस इंटेलीजेंस यूनिट का गठन किया जायेगा।

 

219. प्रशासनिक ढांचे में एकरूपता लाने के लिए राजस्थान जी.एस.टी. अधिनियम के अन्तर्गत वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों के पदनाम भारत सरकार के अधिकारियों के समकक्ष करने एवं तदनुरूप सेवा नियमों में संशोधन किया जाना प्रस्तावित करता हूँ

 

220. जीएसटी के अंतर्गत माल परिवहन में सुगमता लाने एवं आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु राज्य के मुख्य मार्गों पर Radio Frequency Identification Device (RFID) व Automatic Number Plate Recognition (ANPR) नेटवर्क पर आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जायेगा

उपनिवेशन विभाग :

221.हमारी सरकार सदैव किसान हितैषी रही है, अतः मैं, उपनिवेशन क्षेत्रों के किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से, इन क्षेत्रों के सभी श्रेणियों के आवंटियों को कृषि भूमि आवंटन के पेटे दिनांक 31 दिसम्बर, 2020 तक, इस तिथि तक की समस्त बकाया किश्तें जमा कराये जाने पर (i) ब्याज में 50 प्रतिशत छूट प्रदान किया जाना एवं (ii) बाकी बची हुई किश्तें भी एकमुश्त जमा कराये जाने पर उपर्युक्त ब्याज में शत-प्रतिशत छूट प्रदान किया जाना प्रस्तावित करता हूँ।

 

नगरीय विकास, आवासन व राजस्व विभाग :

 

222. 'निरोगी राजस्थान' मेरी सरकार की प्राथमिकता है। खेल इसमें अहम भूमिका अदा करते हैं। अतः मैं, स्टेडियम, खेल मैदान एवं क्रीडा संकुलों के निर्माण में निजी संस्थाओं द्वारा निवेश को बढ़ावा देने के लिये, कृषि से अकृषि प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन एवं नियमन हेतु निर्धारित प्रीमियम दरों, भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क एवं भवन निर्माण अनुज्ञा शुल्क में शत-प्रतिशत छूट दिया जाना प्रस्तावित करता हूँ

 

परिवहन विभाग :

 

223. औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ संविदा यान के रूप में संचालित बसों के लिये मोटर वाहन कर को दो श्रेणियों में विभक्त कर से मोटर वाहन कर की राशि अधिकतम 14 हजार रूपये के स्थान पर 10 हजार रूपये किया जाना प्रस्तावित है

 

224. राज्य की दो नगर पालिकाओं, जिनके बीच की दूरी 10 किलोमीटर से अधिक नहीं है, उनमें संचालित 32 बैठक क्षमता वाले स्टेज कैरिज वाहनों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से मोटर वाहन कर की दर 250 रूपये के स्थान पर 100 रूपये प्रति सीट प्रतिमाह किया जाना प्रस्तावित है।

 

225. राज्य में बिना परमिट अवैध रूप से संचालित होने वाले निजी यात्री वाहनों पर एक वित्तीय वर्ष के लिए देय मोटर वाहन कर को, उस वाहन के लिए देय एक बारीय कर का 25 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है।

 

226. वाहन कर में सरलीकरण के उद्देश्य से Construction Equipment Vehicle एवं Vehicle Fitted with Equipment पर लगने वाले कर को एक समान करते हुये इनके चैसिस के रूप में क्रय किये जाने पर कर की दर कीमत के 8.5 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत एवं पूर्णतया निर्मित वाहनों पर 7 प्रतिशत के स्थान पर 8 प्रतिशत किया जाना प्रस्तावित है।

 

227. राज्य में संचालित संविदा बसों पर मोटर वाहन कर में राहत देते हुये 23 सीटर से लेकर 40 से अधिक सीटर बसों की तीनों श्रेणियों पर 100 रूपये प्रति सीट प्रतिमाह की छूट दिये जाने की घोषणा करता

 

228. उप-नगरीय मार्गों पर वर्तमान में देय प्रतिदिन संचालित दूरी आधारित मोटर वाहन कर में राहत प्रदान करते हुये निर्धारित चारों श्रेणियों में 50 रूपये प्रति सीट प्रतिमाह छूट देने की घोषणा करता हूँ

खान एवं पैट्रोलियम विभाग :

 

229. खनिज अन्वेषण को गति देने के लिये State Mining Exploration Trust (राज्य खनिज अन्वेषण न्यास) का गठन किया जायेगाराज्य में निकलने वाले खनिज एवं रॉयल्टी की गणना व Evasion को रोकने के लिये IT व ड्रोन सहित अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जायेगा।

 

विधि एवं विधिक कार्य विभाग :

 

230. आजकल मानहानि (Defamation) के मामले बढ़ते जा रहे हैवर्तमान में ऐसे मामलों में दावे की रकम के आधार पर (Ad- Voleram) कोर्ट फीस लगती है जो बहुत ज्यादा होती है। इससे कई लोग दावा ही नहीं कर पाते हैं अतः मानहानि के मामलों में लोगों को राहत पहुंचाने के लिये कोर्ट फीस की अधिकतम सीमा को 25000 रूपये किया जाना प्रस्तावित है

 

231. इस प्रकार उपरोक्त कर प्रस्तावों में कोई भी नया कर नहीं लगाया जा रहा है तथा इन कर प्रस्तावों से लगभग 130 करोड़ रुपये से अधिक की राहत प्रदान की गई है।

 

232. इन कर प्रस्तावों के अतिरिक्त कुछ अधिनियमों के प्रावधानों में भी संशोधन प्रस्तावित हैं। इन संशोधनों के संबंध में विस्तृत उद्देश्य और प्रयोजन वित्त विधेयक में वर्णित हैं

 

233. इन प्रस्तुत कर प्रस्तावों और घोषणाओं की क्रियान्विति के लिये तथा अन्य प्रयोजनार्थ कुछ अधिसूचनाएं जारी की जा रही हैं।

संशोधित अनुमान वर्ष 2019-20 एवं बजट अनुमान वर्ष 2020-21: 234.

मैं सदन को यह बताना चाहूंगा कि भारत सरकार ने वर्ष 2019-20 के अन्तरिम बजट में राज्य को केन्द्रीय करों में हिस्से के रूप में 46 हजार 411 करोड़ 8 लाख रुपये देने का अनुमान किया था, जिसे वर्ष 2019-20 के बजट अनुमानों में घटाकर 44 हजार 461 करोड़ 86 लाख रुपये कर दिया वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमानों में इसे और घटाते हुए मात्र 36 हजार 49 करोड़ 14 लाख रुपये कर दिया गया है।

 

235. इस प्रकार भारत सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमानों में वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट की तुलना में केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सा राशि में 10 हजार 361 करोड़ 94 लाख रुपये की कटौती की गई है

 

236. अब मैं, वर्ष 2019-20 के संशोधित अनुमान का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहा हूं, जो इस प्रकार है:1. राजस्व प्राप्तियाँ 1 लाख 56 हजार 715 करोड़ 56 लाख रुपये 2. राजस्व व्यय 1 लाख 84 हजार 756 करोड़ 60 लाख रुपये 3. राजस्व घाटा 28 हजार 41 करोड़ 4 लाख रुपये 4. पूंजी खाते में प्राप्तियाँ 68 हजार 135 करोड़ 52 लाख रुपये 5. पूंजी खाते में व्यय 40 हजार 72 करोड़ 31 लाख रुपये 28 हजार 63 करोड़ 21 लाख रुपये 6. पूंजी खाते में आधिक्य

राजस्व घाटा: 238.

राज्य को केन्द्रीय करों में मिलने वाली हिस्सा राशि सहित राजस्व प्राप्तियों में अपेक्षित वृद्धि संभावित नहीं है तथा सरकार के कार्यकलापों के संचालन व लोक कल्याणकारी योजनाओं पर व्यय किया जाना आवश्यक है, इस कारण वर्ष 2020-21 के बजट अनुमानों में 12 हजार 345 करोड़ 61 लाख रुपये का राजस्व घाटा रहने का अनुमान है।

 

राजकोषीय घाटाः

239. वर्ष 2020-21 के बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा 33 हजार 922 करोड़ 77 लाख रुपये अनुमानित है, जो कि GSDP का 2.99 प्रतिशत है237. . . . वर्ष 2020-21 के लिए बजट अनुमानों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:

. राजस्व प्राप्तियाँ 1 लाख 73 हजार 404 करोड़ 42 लाख रुपये 2. राजस्व व्यय 1 लाख 85 हजार 750 करोड़ 3 लाख रुपये 3. राजस्व घाटा 12 हजार 345 करोड़ 61 लाख रुपये M 4. पूंजी खाते में प्राप्तियाँ ___52 हजार 360 करोड़ 25 लाख रुपये | 5. पूंजी खाते में व्यय 39 हजार 981 करोड़ 47 लाख रुपये 6. पूंजी खाते में आधिक्य 12 हजार 378 करोड़ 78 लाख रुपये

240.

मैं, वर्ष 2020-21 का वार्षिक वित्तीय विवरण, सभा पटल पर रख रहा हूँसाथ ही, FRBM Act की धारा 5 के अंतर्गत वार्षिक बजट के साथ प्रस्तुत किये जाने वाले 'मध्यमकालिक राजवित्तीय नीति विवरण' और 'राजवित्तीय नीति युक्ति विवरण' भी सदन में प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

241. वर्ष 2020-21 का वार्षिक वित्तीय विवरण सभा पटल पर रखा जा रहा है और अन्य बजट-पत्रों के साथ अनुदान की मांगे भी प्रस्तुत की जा रही हैं। 242. इन्हीं भावनाओं के साथ मैं, बजट प्रस्तावों को स्वीकृत करने की संस्तुति के साथ माननीय सदन के विचारार्थ व अनुमोदनार्थ प्रस्तुत करता हूँ:: जयहिन्द ::