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कोविड-19 के बारे में भ्रामक सूचना को तत्काल रोकना आवश्यक : उपराष्ट्रपति
April 6, 2020 • Yogita Mathur • STATE


नई दिल्ली New Delhi , 6 अप्रेल । उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने लोगों को आगाह किया है कि वे अंध विश्वासों और सुनी-सुनाई बातों के बहकावे में, कोविड- 19 के विरुद्ध अपने संकल्प को कमजोर नहीं होने दे सकते। 

उन्होंने  भ्रामक सूचना के प्रसार को, विशेषकर सोशल मीडिया द्वारा हो रहे प्रसार को, 'वायरस ' कहा जिसे तत्काल रोका जाना जरूरी है।

अफवाहों और भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने के लिए, प्रामाणिक सूचना के निर्बाध प्रसार को जरूरी बताते हुए  नायडू ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यदि हम इस कठिन परिस्थिति की गंभीरता को सही तरह से नहीं समझ सकते, तो हम वायरस के विरुद्ध यह जंग नहीं जीत सकते।

कुछ राज्यों में सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों के गैर जिम्मेदाराना उल्लंघन तथा नई दिल्ली में हाल में आयोजित समागम के संदर्भ में उपराष्ट्रपति ने दिशा निर्देशों के और व्यापक प्रसार तथा कड़ाई से पालन किए जाने की जरूरत को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। वायरस संक्रमण के बारे में वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर, जात-पात क्षेत्र भाषा संप्रदाय से उपर उठ कर, एक समेकित प्रयास अपेक्षित है।

नायडू ने कहा कि सभी सम्प्रदायों को सहमत होना होगा कि सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। और जब तक चुनौती पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाती तब तक कोई विशाल समागम आयोजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आशा व्यक्त की कि " भविष्य में दिशानिर्देशों के ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण गैर जिम्मेदाराना उल्लंघन नहीं होंगे"।

उपराष्ट्रपति ने लोगों से संप्रदायों के बारे में निराधार पूर्वाग्रहों से बचने को कहा और आयोजनों को पूर्वाग्रहों के चश्मे से न देखने की सलाह दी।