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कोरोना - राजस्थान में रोजी-रोटी से वंचित लोगों को 1000 रूपये
March 23, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

जयपुर, 23 मार्च। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मार्च तक घोषित लाॅकडाउन के दौरान रोजी-रोटी से वंचित गरीब तबके के लोगों को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। 
गहलोत ने प्रदेश के 78 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों को 2 माह की पेंशन एक साथ तत्काल देने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा 36 लाख 51 हजार बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं अन्त्योदय योजना के लाभार्थियों, 25 लाख निर्माण श्रमिकों एवं रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेन्डर्स जो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में कवर नहीं हो रहे हैं, उन्हंे एक बारीय अनुग्रह राशि के तौर पर एक हजार रूपये दिये जाएंगे ताकि उनके हाथ में नकदी पहुंचेगी और वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। 
गहलोत ने यह निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिये। मुख्यमंत्री के इस फैसले का लाभ प्रदेश के 1 करोड़ 41 लाख परिवारों को मिलेगा। दो माह की पेंशन एक साथ मिलने से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों के हाथ में एकमुश्त 1500 रूपये एवं इससे अधिक की राशि पहुंचेगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होगी।
राज्य सरकार पहले ही एनएफएसए के तहत कवर होने वाले परिवारो को मिलने वाला एक रूपये व दो रूपये प्रति किलो गेंहू मई माह तक निःशुल्क देने की घोषणा कर चुकी है। इन सभी के लिए करीब 2 हजार करोड़ का पैकेज बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में धन और संसाधनों में किसी तरह की कमी नहीं आने देगी। लाॅकडाउन के दौरान किसी जरूरतमंद को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े और कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोए यह सुनिश्चित किया जाएगा।

 गहलोत ने कहा कि स्वंयसेवी संस्थाआंे, दानदाताओं एवं अन्य भामाशाहों के सहयोग से जरूरतमंदों तक खाना पहुंचाया जायेगा। जहां दानदाता या स्वयंसेवी संस्था उपलब्ध नहीं हो वहां जिला कलक्टर भी अनटाइड फंड की मदद से खाने का इंतजाम करेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार ऐसे हर जरूरतमंद तक राशन के पैकेट भी पहुंचायेगी जो एनएफएसए की सूची में शामिल नहीं हैं। इसमें आटा, दाल, चावल, तेल आदि जरूरत की वस्तुएं शामिल होंगी। ये पैकेट शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक सरकारी भवन, पुलिस थानों, तहसील, पंचायत भवन एवं पटवार भवन पर उपलब्ध करवाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पटवारी एवं ग्रामसेवक की सहायता ली जाए ताकि प्रदेश के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाई जा सके।