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कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोकने के लिए सघन स्क्रीनिंग, 
April 3, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN
 
जयपुर, 03 अप्रेल। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना को कम्यूनिटी में फैलने से रोकने के लिए पॉजीटिव लोगों के संपर्क में आए लोगों की सघन स्क्रीनिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और उनकी सैंपलिंग सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए।
 
इससे संक्रमित लोगों का तुरंत पता चल सकेगा और उनका समय पर इलाज भी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर एक्टिव सर्विलांस टीम द्वारा सर्वे और स्क्रीनिंग के जरिए भी कोरोना के कुचक्र को तोड़ा जा रहा है।
 
डॉ. शर्मा ने शुक्रवार को प्रदेश की मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीएमओ सहित चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ 3 घंटे की मैराथन वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान यह बात कही।
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए विभाग सभी आवश्यक तैयारियों के साथ अलर्ट मोड पर रहें।
चिकित्सा मंत्री ने सभी अधिकारियों से अपने-अपने जिलों में कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, वेंटिलेटर्स की स्थिति, सर्वे, स्क्रीनिंग, सैंपलिंग, टेस्टिंग, आपातकाल होने पर कंटेनमेंट प्लान, चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव और पैसिव सर्विलांस, क्वारेंटाइन बैड, आइसोलेशन वार्ड, होम आइसोलेशन, आईसीयू बैड की स्थिति, स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण सहित कोरोना से जुड़े अनेक विषयों पर प्रत्येक जिलों के अधिकारियों से फीडबैक लिया।
 
उन्होंने कहा कि पिछले 3 दिनों में कोरोना के तेजी से बढ़ते केसेज चिंता का बड़ा कारण हैं। ऎसे में सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी योजना के साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन से समन्वय बनाकर काम करेंगे तो भीलवाड़ा की तर्ज पर हम कोरोना को राजस्थान से धकेलने में कामयाब हो सकते हैं।
 
चिकित्सा मंत्री ने इस दौरान चिकित्साकर्मियों का आश्वस्त करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम के दौरान उन्हें पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उनके साथ दुर्व्यवहार होने की स्थिति में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चिकित्सकों और नसिर्ंग स्टाफ को कोरोना से बचाव के लिए पीपीई किट, एन-95 मास्क व अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी व्यवस्था सुनिश्चत करने के भी निर्देश दिए।
 
डॉ. शर्मा ने कहा कि कई जिलों में लक्षण नहीं होने पर व्यक्ति पॉजीटिव आ रहे हैं, ऎसे में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और रैंडम सैंपल लेकर विभाग संक्रमितों को चिन्हित कर सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के लक्षण वाले व्यक्तियों को जांच के प्रेरित के लिए स्थानीय धर्म गुरुओं, समाज के वरिष्ठ सदस्यों से अपील करवाई जा सकती है।
 
उन्होंने कहा कि संक्रमण के लक्षण  वाले या संक्रमितों के संपर्क में आए व्यक्तियों को आगे बढ़कर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देते हुए अपनी जांच करवाने का आग्रह किया। उन्होंने संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी विभाग को देने की अपील की ताकि कम्यूनिटी स्प्रेड के खतरे को कम किया सके।
 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8865 सैंपल लिए हैं, जिनमें से 8390 नेगेटिव आए हैं, जबकि 328 जांच अभी प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट प्लान के अनुसार जहां ज्यादा पॉजीटिव केसेज सामने आए हैं, वहां 1 किलोमीटर, 3 किलोमीटर और 5 किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिक केसेज आने वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं।
 
अतिरिक्त मुख्य सचिव  रोहित कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को पूरी सजगता और परिश्रम के साथ काम करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि पॉजीटिव केसेज की सेवा में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के बचाव के लिए एचपीक्यू टेबलेट्स का अधिग्रहण कर लिया गया है। सभी चिकित्सक गोलियों को सेवन करना शुरू कर दें। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन का अनुसरण करते हुए सभी काम निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
 
आरएमसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रीतम बी यशवंत ने बताया कि प्रदेश में कोरोना महामारी को रोकने संबंधी साम्रगी मसलन पीपीई किट, एन-95 मास्क, थ्री लेयर मास्क, सेनेटाइजर इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। जिलों में अधिकारियों की मांग के अनुसार पर्याप्त सामग्री की आपूर्ति की जा रही है।
 
उन्होंने सभी सीएमएचओ को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि चिकित्सकीय सामग्रियों का दुरूपयोग ना हो। मिशन निदेशक  नरेश कुमार ठकराल ने सीमांत जिलों सहित सभी जिलों में अन्य प्रदेशों से आए व्यक्तियों के क्वारेंटाइन और उनकी सघन स्क्रीनिंग के बाद सैंपलिंग और जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद व्यक्तियों से संबंधित जिलों या राज्यों को भी इस बारे में जानकारी अवश्य साझा करें।
 
अतिरिक्त निदेशक डॉ. रविप्रकाश ने कहा कि सभी जिलों के अधिकारी जिले का एक्शन प्लान बनाकर रखें। चिकित्सकों की श्रेणीवार ए,बी,सी,डी जैसी टीम बनाकर रखें, ताकि किसी भी आपातकाल की परिस्थिति में अन्य टीम काम कर सकें। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के पर्याप्त प्रशिक्षण व अन्य जरूरी सुझाव भी दिए।
 
इस अवसर पर अलग-अलग जगहों से एसएमएस के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी, जन स्वास्थ्य के निदेशक डॉ. केके शर्मा सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे।