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किसान महापंचायात की मांग मानी,किसानों के हक में बडा फैसला
April 13, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

      जयपुर,  13 अप्रेल। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट की ओर से विगत दिनों की गई वो मांग मान ली हेै जिसमें एक दिन में 25 क्विटल के बजाए 40 क्विटल उपज की तुलाई की मांग की गई थी ।


    किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की एक बडी मांग मान कर राहत दी है ।उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने इस मांग को भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जिसे भारत सरकार ने मंजूर कर ली ।

  इधर राज्य सरकार ने किसानों से सरसों एवं चने की समर्थन मूल्य पर खरीद एक दिन में अधिकतम 25 क्विंटल के बजाय 40 क्विंटल किये जाने की भारत सरकार ने अनुमति दे दी है। 25 क्विंटल की तुलाई सीमा के कारण किसानों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिये भारत सरकार से एक दिन में 25 क्विंटल की खरीद सीमा को बढ़ाने का आग्रह किया गया था। कोटा संभाग के किसानों से 16 अप्रेल से 92 केन्द्रों पर खरीद प्रारंभ की जाएगी।

  प्रबंध निदेशक, राजफैड श्रीमती सुषमा अरोडा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 
 कोटा संभाग को छोडकर शेष राजस्थान में 1 मई से सरसों एवं चने की खरीद शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि लाकडाउन के कारण खरीद को स्थगित कर दिया गया था। पूर्व में कोटा संभाग में 46 केन्द्र (23 सरसों व 23 चना ) समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए खोले गए थे। अब 46 (23 सरसों व 23 चना ) और नए खरीद केन्द्रों को खोला गया हैं।

उन्होंने बताया कि खरीद के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधाएं खरीद केन्द्रों को मुहैया कराई जाएगी। किसानों को अपने खेत के नजदीक ही उपज बेचान का केन्द्र मिले इसके लिए खरीद केन्द्रों की संख्या बढाई गई है। सरसों का समर्थन मूल्य 4425 रूपये प्रति क्विंटल तथा चने का 4875 रूपये प्रति क्विंटल है।

श्रीमती सुषमा अरोडा ने बताया कि समर्थन मूल्य पर सरसों  एवं चने के बेचान के लिए 2 लाख 40 हजार किसानो द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 1 मई से पुनः पंजीयन प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि खरीद के दौरान बारदाने की समस्या उत्पन्न नही हो इसके लिए सभी क्षेत्रीय अधिकारी एक सप्ताह पूर्व बारदाने का आंकलन कर राजफैड को भिजवाने के निर्देश दिए गए है। ताकि समय पर व्यवस्था हो सके।