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धौलपुर : दूरगामी सोच से जीती कोरोना से जंग
April 22, 2020 • Anil Mathur • RAJASTHAN

 

 

- प्रदीप कुमार वर्मा

धौलपुर,22 अप्रेल । राजस्थान के पूर्वी सिंहद्वार कहे जाने वाले धौलपुर जिले ने
कोरोना से जंग जीत ली है।
 केन्द्र सरकार द्वारा कोरोना के संबंध में जारी की गई देश के 22 जिलों की सूची में धौलपुर जिले का नाम शामिल है। वजह है कि बीते तीन सप्ताह से धौलपुर जिले में कोरोना संक्रमण का कोई भी केस रिपोर्ट नहीं हुआ है।

 प्रदेश में कोरोना वायरस की दस्तक के साथ ही धौलपुर जिला प्रशासन द्वारा दूरगामी सोच को अपनाते हुए बेमिसाल फैसले लिए,जिसके चलते धौलपुर जिले में फिलहाल कोरोना जीरो स्टेटस पर है। धौलपुर में लॉक डाउन के सभी प्रावधानों की कडाई से पालना की जा रही है। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को मेन्टेन करने के लिए भी कई अभूतपूर्व कदम उठाए गए,जिसके बाद में कोरोना से संघर्ष में अब धौलपुर मॉडल की चर्चा पूरे देश और प्रदेश में हो रही है।
                
सूबे के भीलवाडा और जयपुर में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद में जिला कलक्टर राकेश कुमार की अगुवाई में जिला प्रशासन ने प्रीवेन्टिव एवं प्रोएक्टिव कार्रवाई को दूरगामी सोच के साथ पूरी गंभीरता से अंजाम दिया। डीएम की पहल पर हर उस कदम को बेझिझक उठाया गया,जिससे लॉक और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना साकार हो सके। 

धौलपुर जिला अस्पताल में खांसी जुकाम तथा सामान्य रोगों के मरीजों की बढती हुई संख्या को देखते हुए धौलपुर शहर में दस स्थानों पर विशेष ओपीडी बनाई गईं। इससे सोशल डिस्टेंसिंग की पालना होने के साथ ही मरीजों को उनके घर के पास ही उपचार मिला। साथ ही धौलपुर
जिला अस्पताल पर लोड कम करके उसे कोविड-19 के उपचार के लिए डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल बनाने में खासी मदद मिली।
             
   कोरोना संकट में पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा विशेष सहायता राशि को लाभार्थियों के जनधन खातों में सीधे डालने तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा अनुग्रह राशि के भुगतान और एक अप्रेल को पेंशन के लिए बैंकों पर गजब की भीड लगी। सोशल डिस्टेंसिंग के मानक बिखर गए। तब डीएम आरके जायसवाल ने घर घर जाकर पेंशन और अनुग्रह राशि के वितरण का मॉडल तैयार किया। बैंक मित्र तथा इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के प्रतिनिधियों की करीब साढे चार सौ टीमों द्वारा बीते सात दिनों में एक लाख खाताधारकों को करीब 21 करोड की राशि का भुगतान उनके घर जाकर कर दिया। अब भी टीमों द्वारा घर घर जाकर लोगों को भुगतान किया जा रहा है।
                

कोरोना संकट के दौरान लॉक डाउन की पालना के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से घर घर जाकर राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा धौलपुर की कृषि उपज मंडी में सब्जी तथा फल विक्रेताओं की भीड को नियंत्रित करने के लिए शहर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में फल और सब्जी का संचालन शुरू किया गया। अनाज मंडी में भी पास के आधार पर किसानों को प्रवेश के साथ साथ जिले में 22 विभिन्न सथानों पर गौण मंडियों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, भीड का नियंत्रित करने के लिए बाडी के बाजार में दुकानों को दांए और बांए के आधार पर संचालित किया गया। इसी प्रकार बसेडी कसबे के बाजार में दुकानों पर नंबर लिखवा कर उनका ईवन और ऑड नंबर के आधार पर संचालन हो रहा है।
                ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहुलता वाले धौलपुर जिले में मॉडिफाईड लॉक डाउन में लोगों की आय बढाने के उपाय भी अपनाए जा रहे हैं। महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में दो सौ करोड रुपए की लागत से काम शुरू किए गए हैं। इस कवायद से पचास हजार मानव श्रम रोजगार का सृजन होगा तथा ग्रामीणों की आय बढेगी और जिले की ग्रामीा अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटेगी। डीएम आरके जायसवाल ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में अपूर्ण रहे इस हजार शौचालयों के निर्माण कार्य को शुरू कराया गया है। इन कार्यों में सोशल डिस्टेंस की पालना सुनिश्चित करने के निद्र्रेश दिए गए हैं।
            

    धौलपुर जिले के पडौस में मध्यप्रदेश के मुरैना एवं उत्तरप्रदेश के आगरा जिले के साथ ही प्रदेश के भरतपुर जिले के बयाना में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में धौलपुर जिले की सीमाओं को सील करके कडी निगरानी की जा रही है। आगरा मुंबई नेशनल हाईवे सहित अन्य स्टेट हाईवे पर कडी निगरानी जारी है,वहीं चंबल नदी के बीहड से जुडे रास्तों पर भी अवरोध लगाए गए है। चंबल के बीहड में रास्तों पर जेसीवी से गढढे खोदे गए हैं,तो चंबल में नवों के संचालन को बंद करने के लिए नवों को पानी में ही डुबो दिया गया है।
            

    डीएम आरके जायसवाल बताते हैं कि आखातीज के मौके पर अबूझ सावों पर भीड के नियंत्रण तथा सोशल डिस्टेंस एवं लॉक डाउन की पालना के लिए शादी विवाह के समारोह में दूल्हा और दुल्हन सहित सिर्फ आठ लोगों के ही शामिल होने की एडवायजरी जारी की गई है। इसके साथ ही सूबे के जिलों तथा अन्य राज्यों से भी आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। हमारी कोशिश हर हाल में भीड को नियंत्रित करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करानी है,जिससे कोरोना के संक्रमण को फैलन से रोका जा सके।