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बजट मेंं किसान की संपन्नता के लिए ठोस संकल्पना -कृषि मंत्री    
February 20, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN


              
                  
  जयपुरJaipur , 20 फरवरी। कृषि मंत्री  लालचन्द कटारिया ने राज्य बजट को विकासोन्मुखी, आमजन को राहत देने वाला और हर वर्ग के कल्याण एवं खुशहाली लाने वाला बताते हुए कहा कि इसमें किसान की संपन्नता बढ़ाने के लिए ठोस संकल्पना प्रस्तुत की गई है।

 उन्होंने कहा कि हमारे संवेदनशील एवं किसान हितैषी मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बजट में 3 हजार 420 करोड़ रुपए का प्रावधान कर किसानों को समय पर पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराने से लेकर सिंचाई के लिए पानी एवं बिजली सहित आसान विपणन तक की समुचित व्यवस्था की है जिससे प्रदेश में खेती का क्षेत्रा एवं फसल उत्पादन बढ़ेगा और काश्तकार समृद्ध होंगे। उन्होंने किसान हित में उठाए अभूतपूर्व कदमों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।   

कृषि मंत्री कटारिया ने कहा कि हमारे जल अभाव वाले राज्य में 12 हजार 500 फार्म पोंड बनाने के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 91 करोड़ खर्च कर 30 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन को बूंद-बूंद सूक्ष्म सिंचाई एवं फव्वारे से सिंचित किया जाएगा। साथ ही सिंचाई परियोजनाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इससे जल संरक्षण एवं भूमि का जल स्तर बढ़ाने के साथ काश्तकारों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी।     
                       
     उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष में किसानों को 50 हजार नए कृषि कनेक्शन के साथ 267 करोड़ व्यय कर 25 हजार सोलर पंप लगाए जाएंगे। साथ ही जनजाति किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इससे सिंचाई के लिए समय पर पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो सकेगी। दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति की घोषणा तथा बड़ी संख्या में सोलर पंप लगने से किसानों को रात की कड़ाके की ठंड से निजात मिल सकेगी।   
                                        
      कटारिया ने कहा कि यूरिया एवं डीएपी का अतिरिक्त भंडारण करने एवं उच्च गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन बढ़ाने से किसानों को समय पर खाद-बीज की उपलब्धता हो सकेगी। उन्होंने कहा कि 44 स्वतंत्रा एवं एक सौ गौण मंडियां खोलने के साथ निजी क्षेत्रा को बढ़ावा देने से काश्तकार अपने निकटतम स्थान पर सही दाम पर उपज बेच सकेंगे। साथ ही किसानों की आय वृद्धि के लिए कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति बनाने के बाद इस वर्ष दो नए अधिनियम लाए जाएंगे। फसली ऋण वितरण की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को आसानी से ऋण मिल सकेगा। दो हजार नए जीएसएस एवं 130 गोदाम बनाने से उपज भंडारण में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि गत बजट में बड़े पैमाने पर नए पशु चिकित्सा केंद्र खोलने के बाद अब पशुपालकों को प्रशिक्षण प्रदान कर नई तकनीक से रूबरू कराया जाएगा जिससे पशुपालक आधुनिक पशुपालन कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।