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आवश्यक सेवाएं बाधित न हों  - मुख्यमंत्री
March 24, 2020 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

जयपुर, 24 मार्च। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग से ही कोरोना से बचा जा सकता है। लाॅकडाउन का उद्देश्य यही है कि लोग घरों में रहें। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आए। जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि लाॅकडाउन के निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना हो, नहीं तो हमें मजबूरन कफ्र्यू लगाना पड़ेगा।

 गहलोत मंगलवार को प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरांे एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ लाॅकडाउन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय वाॅर रूम की तरह ही जिलों में भी वाॅर रूम स्थापित किए जाएं। यह वाॅर रूम 24 घंटे कार्यरत रहें और इनमें वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। यह वाॅर रूम लाॅकडाउन की स्थिति से आमजन को होने वाली परेशानियों का संवेदनशीलता  एवं तत्परता के साथ समाधान करेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक कार्याें के लिए आमजन को परेशान नहीं होना पडे़ इसके लिए परमिट जारी करने की व्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा आॅनलाइन किया जाए। इसके लिए मोबाइल एप अथवा ई-मेल आईडी बनाएं। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों की आवाजाही को कड़ाई से रोका जाए। बेवजह वाहन लेकर निकलने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे। लोगों को घरों में रखना हमारी एकमात्र प्राथमिकता है।

गहलोत ने कहा कि गरीबों, फेरी लगाकर अपनी जीविका अर्जित करने वाले लोगों, रिक्शाचालकों, मजदूरों आदि समाज के जरूरतमंद तबकों के लिए जिला कलेक्टर भोजन एवं राशन की कमी नहीं आने दंे, इस काम में सेवाभावी संस्थाओं, भामाशाहों आदि का सहयोग लें। जनप्रतिनिधियों पर संकट की इस घड़ी में बड़ी जिम्मेदारी है। वे राजनीतिक सोच से ऊपर उठकर लोगों की मदद के लिए आगे आएं। गरीबों और जरूरतमंदों को मदद पहुंचाना हम सभी का कर्तव्य है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि एक भी इंसान भूखा नहीं सोए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक सेवाओं से सम्बन्धित दुकानों के खुलने पर कोई रोक नहीं है, ना ही उनके लिए कोई समय सीमा निर्धारित की गई है। दुकानें खुलने से सप्लाई चैन सुचारू रहेगी और दैनिक उपभोग की वस्तुएं लेने के दौरान भीड़भाड़ भी नहीं होगी, जो कि लाॅकडाउन का मुख्य उद्देश्य है।

गहलोत ने कहा कि उपभोक्ता भण्डार की मोबाइल वैन का उपयोग आवश्यक वस्तुआंे की होम डिलीवरी के लिए किया जाए ताकि लोगों को बाजार में कम से कम जाना पड़े।
सख्ती के साथ संवेदनशीलता जरूरी

उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन को प्रभावी रूप से लागू करने का दायित्व पुलिस अधिकारियांे पर है। चंूकि यह लाॅकडाउन कानून व्यवस्था की स्थिति के कारण नहीं किया गया है, इसलिए उन्हें सख्ती के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए इसकी पालना करवानी है। लोगों को समझाइश करने के लिए माइक लगी हुई गाड़ियों का उपयोग शहरों के साथ-साथ बडे़ कस्बों मंे भी किया जाए।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की कम्यूनिटी स्प्रेडिंग नहीं हो इसके लिए बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जाए। सरपंच, पटवारी, पार्षद के साथ-साथ स्थानीय लोगों की इस काम में मदद ली जाए।