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 सरपंच एवं पंच पदों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित
December 26, 2019 • Yogita Mathur • RAJASTHAN

 जयपुर, 26 दिसंबर। राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त पीएस मेहरा ने गुरुवार को पंचायतीराज संस्थाओं के सरपंच एवं पंच पदों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया। 

 मेहरा ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 101 के अन्तर्गत पंचायत सर्किल, पंचायत समिति एवं जिला परिषद क्षेत्र की सीमाओं में परिवर्तन की शक्तियां राज्य सरकार में निहित हैं। इस धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अन्तर्गत राज्य सरकार द्वारा इन संस्थाओं के वार्ड/पंचायत/निर्वाचन क्षे़त्रों का पुनर्गठन/नवसृजन करने के आदेश दिनांक 12.06.2019 को दिये गये और पुनर्गठन/नवसृजन की अधिसूचनाएं दिनांक 15/16.11.2019 को जारी की गई। इन अधिसूचनाओं के बाद राज्य में 33 जिलों में, 343 पंचायत समिति, 11142 पंचायतें अस्तित्व में आई है।
 
 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243म् ;।तजपबसम 243म्द्ध एवं पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 17 द्वारा इन संस्थाओं का कार्यकाल पांच वर्ष नियत किया गया है और इन संस्थाआंे के चुनाव इनके कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व कराये जाने का उपबंध किया गया है। अनुच्छेद 243ज्ञ ;।तजपबसम 243ज्ञद्ध एवं पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 17 में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के लिए निर्वाचक नामावली की तैयारी का एवं निर्वाचन के संचालन का अधीक्षण, निदेशन एवं नियंत्रण राज्य निर्वाचन आयोग में निहित किया गया है। 

 राज्य में वर्ष 2015 में 109469 पंच के पदों एवं 9872 सरपंच के पदों के लिए आम चुनाव तीन चरणों में कराया गया था। जिसके प्रथम चरण का मतदान दिनांक 18 जनवरी, 2015 द्वितीय चरण का मतदान 24 जनवरी, 2015 एवं तृतीय चरण का मतदान 1 फरवरी, 2015 को हुआ था। 
 
 इन संस्थाओं के कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व चुनाव कराना सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध समय को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम दिनांक 04.11.2019 को जारी किया गया। राज्य सरकार द्वारा उक्त पुनर्गठन/नवसृजन की अधिसूचनाएं दिनांक      15/16.11.2019 को जारी की गई। लेकिन पंचायत सर्किल के वार्ड अन्तिम नहीं किये गये और इसके लिए जिला कलक्टर्स को प्राधिकृत कर  दिया गया। वार्ड का परिसीमन विलम्ब से प्राप्त होने पर भी निर्वाचन प्राधिकारियांे द्वारा आयोग के कार्यक्रम के अनुसार निर्वाचक नामावली का प्रारूप तैयार किया गया लेकिन इसी बीच राज्य सरकार की दिनांक 01.12.2019 की दूसरी अधिसूचनाओं द्वारा पंचायत /पंचायत समितियों का पुनर्गठन कर दिया गया। जिससे 449 पंचायतों का पुनर्गठन कर 173 नई पंचायतों का सृजन किया गया। इस पुनर्गठन से पंचायत समिति एवं जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र भी प्रभावित हो गये। 
 
 राज्य सरकार की 01.12.2019 की अधिसूचनाओं से प्रभावित संस्थाओं की निर्वाचक नामवली का प्रारूप प्रकाशन संभव नहीं होने के कारण आयोग के आदेश दिनांक 02.12.2019 द्वारा इन अधिसूचनाओं से प्रभावित पंचायती राज संस्थाओं को छोडकर निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन करने के निर्देश जारी करने पडे। दिनांक 01.12.2019 को जारी अधिसूचनाओं से प्रभावित संस्थाओं की निर्वाचक नामावली तैयार करने का पृथक से कार्यक्रम दिनांक 08.12.2019 जारी किया गया। इस कार्यक्रम के अनुसार दिनांक    16.12.2019 को प्रारूप प्रकाशन एवं दिनांक 06.01.2020 को अंतिम प्रकाशन किया जाना नियत किया गया।
 राज्य सरकार के परिसीमन की उक्त अधिसूचनाओं को क्ठ ब्पअपस ॅतपज च्मजपजपवद छवण्17993ध्2019 श्रंप ैपदही अे ैजंजम व ित्ंरंेजींद ंदक वजीमत द्वारा उच्च न्यायालय मुख्य पीठ जोधपुर में चुनौति दी गई। इस याचिका के अलावा 84 अन्य याचिकाएं प्रस्तुत हुई। इन सब याचिकाओं को माननीय उच्च न्यायालय के एक ही आदेश दिनांक 13.12.2019 द्वारा निस्तारित कर दिया गया। माननीय न्यायालय ने अपने निर्णय में राज्य सरकार की अधिसूचनाएं दिनांक 15/16.11.2019 एवं उसकी शुद्धि हेतु जारी अधिसूचना दिनांक 23.11.2019 को छोडकर अन्य सभी अधिसूचनाओं को अपास्त कर दिया गया। 
 माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय दिनांक 13.12.2019 के कारण आयोग का निर्वाचक नामावली का कार्यक्रम दिनांक 08.12.2019 प्रत्याहृत किया गया और पुनः परिवर्तित कार्यक्रम दिनांक 17.12.2019 जारी किया गया। इस कार्यक्रम के अनुसार शेष रही पंचायती राज संस्थाओं की निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन दिनांक 28.12.2019 एवं अन्तिम प्रकाशन दिनांक 22.01.2020 को होना नियत है। 
 
 उक्त कारण से राज्य की पंचायती राज संस्थाओं की दो स्पष्ट ब्ंजमहवतल बन गई हैं- 
(1)  प्रथम ब्ंजमहवतल में वे संस्थायें हैं जो राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 15/1़6.11.2019 के बाद की अधिसूचनाओं से प्रभावित नहीं है। इन संस्थाओं की निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन दिनांक 04.12.2019 को कर दिया गया है और अन्तिम प्रकाशन 03.01.2020 को नियत हैै। 

(2) द्वितीय ब्ंजमहवतल में वे संस्थायें हैं जो राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 15/16.11.2019 के बाद की अधिसूचनाओं से प्रभावित हैं। उनकी निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन दिनांक    28.12.2019 एवं अन्तिम प्रकाशन दिनांक 22.01.2020 को होना नियत है। 

 राज्य में पंचायती राज संस्थाओं की 9171 ग्राम पंचायतें, सरकार की परिसीमन की दिनांक 15/16.11.2019 की अधिसूचना के पश्चात जारी की गई अधिसूचनाओं से प्रभावित नहीं है। इनकी निर्वाचक नामावली का प्रारूप प्रकाशन दिनांक 04.12.2019 को कर दिया गया है तथा इनकी अन्तिम मतदाता सूची का प्रकाशन 03.01.2020 को होना नियत है।  इन ग्राम पंचायतों में प्रत्येक के लिए सरपंच एवं इन पंचायतों के 90400 वार्डों में प्रत्येक के लिए वार्ड पंच का चुनाव तीन चरणों में कराये जाने के लिए कार्यक्रम घोषित किया गया है। 

ई.वी.एम. से मतदान:

 अब तक पंच/सरपंच पद के उप निर्वाचन में ही इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (म्टड)  का उपयोग किया जाता रहा है। इन आम चुनावों में पहली बार सरपंच पद के निर्वाचन में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (म्टड) का उपयोग किया जाएगा। जिलों की आवश्यकतानुसार मशीनों का आवंटन कर दिया गया है। आयोग का पूरा विश्वास है कि सरपंच पद के चुनाव में ईवीएम के प्रयोग से मतदान दलों को निर्वाचन प्रक्रिया संपादित करने में सुविधा रहेगी एवं कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

 आयोग द्वारा ईवीएम टेªकिंग साॅॅफ्टवेयर तैयार किया गया है। इस साॅफ्टवेयर द्वारा प्रत्येक जिला स्तर पर ईवीएम की उपलब्धता एवं आवश्यकतानुसार अन्य जिले के स्थानान्तरण की आॅन लाईन टेªकिंग की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त उक्त साॅॅफ्टवेयर के माध्यम से मतदान हेतु ईवीएम के आवंटन के लिए रेण्डमाईजेशन (त्ंदकवउप्रंजपवद) भी किया जाएगा।
 पंच पद का निर्वाचन मतपेटी एवं मतपत्र ;ठंससवज ठवग ंदक ठंससवज च्ंचमतद्ध के माध्यम से करवाया जायेगा।

नामनिर्देशन पत्रों का प्रस्तुतिकरण:
  अब तक संपन्न पिछले आम चुनावों में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मतदान दिवस से एक दिन पूर्व सरपंच एवं पंच पद के नामनिर्देशन पत्र प्राप्त किये जाते थे। इस बार सरपंच पद का चुनाव पहली बार इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (म्टड) से कराया जा रहा है जिसके लिए ठंससवज च्ंचमत मुद्रित किया जाकर म्टड को मतदान हेतु तैयार किया जाकर मतदान दलों को उपलब्ध कराया जाना है जिसके लिए समय अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त सरपंच पद के चुनाव में प्रचार का समय नहीं मिलता था अतः प्रचार के लिए समय और मतदाताओं को सरपंच के अभ्यर्थी के संबंध में पर्याप्त जानकारी प्राप्त हो सके इसके लिए नामनिर्देशन पत्र प्रस्तुत करने एवं मतदान दिवस के बीच पर्याप्त समयावधि दिए जाने का निर्णय लिया गया है। 
 सरपंच पद के नामनिर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए नियत तिथि को पंच पद के निर्वाचन के लिए भी नामनिर्देशन पत्र प्राप्त किये जायेंगे।

ऽ मतदाता सूची:
 पंच एवं सरपंच के आगामी आम चुनाव के लिए मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन दिनांक      03.01.2020 को किया जाएगा। अंतिम रूप से प्रकाशित मतदाता सूची पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय में निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगी। अंतिम प्रकाशन के बाद भी पात्र व्यक्ति सामान्य प्रक्रिया के तहत अधिसूचना जारी होने तक अपना नाम जुड़वाने, हटवाने अथवा शुद्व करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। इस प्रकार जोड़े, हटाए या शुद्व किए गए नामों की पूरक सूची-2 तैयार की जाएगी।
 
 सरपंच एवं पंच के चुनाव की प्रारूप मतदाता सूची दिनांक 04.12.2019 के अनुसार इन पंचायतों की मतदाता सूची में 30886519 मतदाता पंजीकृत है। प्रारूप मतदाता सूची में ऐसे मतदाता जो दिनांक 01.01.2020 को 18 वर्ष के हो रहे हैं को जोडे जाने का अवसर दिया गया है अतः मतदाता सूची के अन्तिम प्रकाशन में मतदाताओं की संख्या तदनुसार बढ जायेगी। प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार इन मतदाताओं का वर्गीकरण इस प्रकार है। 

मतदाताओं का विवरण
पुरूष महिला थर्ड जेण्डर कुल
16095417 14790976 126 30886519

ऽ वार्डो एवं मतदान केन्द्रों का विवरणः

 जनगणना वर्ष 2011 की जनसंख्या के आधार राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2014 में वार्डो का पुनर्गठन एवं परिसीमाकंन का कार्य किया गया था। वर्ष 2019 में राज्य सरकार द्वारा वार्डो का पुनः पुनर्गठन एवं परिसीमाकंन का कार्य किया गया है। नवीन परिसीमन के अनुसार वार्डो की संख्या एवं मतदान केन्द्रों की संख्या का विवरण निम्नानुसार हैः-


विवरण वर्ष 2014
 वर्ष 2019
(जिनका चुनाव कराया जाना है)
पंचायतों की संख्या 9872 9171
वार्डो की संख्या 109469 90400
मतदान केन्द्रों की संख्या 36844 34525

ऽ मतदाताओं की पहचानः

 राजस्थान राज्य के लगभग सभी मतदाताओं को मतदाता फोटो पहचान पत्र (म्च्प्ब्) जारी हो चुके हैं। मतदान के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी उक्त फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। फिर भी यदि कोई मतदाता किसी भी कारण से फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो मतदान के लिए उसे राज्य निर्वाचन आयोग के पत्रांक 559 दिनांक 07.02.2019 के द्वारा अनुमोदित किए गए 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। 


 इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राईविंग लाईसेंस, आयकर पहचान पत्र, मनरेगा जाॅब कार्ड, सांसदों, विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, केन्द्र सरकार/राज्य सरकार, राज्य पब्लिक लिमिटेड कम्पनी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, श्रम मंत्रालय द्वारा जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड, फोटो युक्त पंेषन दस्तावेज जैसे कि भूतपूर्व सैनिक पेंषन बुक/पंेषन अदायगी आदेष/भूतपूर्व सैनिक विधवा/आश्रित प्रमाण-पत्र/वृद्धावस्था पंेषन आदेष/विधवा पेंषन ओदष, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र पहचान पत्र, सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी फोटो युक्त शारीरिक विकलांगता प्रमाण-पत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक/सहकारी बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटो युक्त पासबुक शामिल है। 

 उक्त 12 वैकल्पिक फोटो दस्तावेज में से केवल वे ही दस्तावेज मान्य होंगे जो इन निर्वाचन की घोषणा से पूर्व के हैं। अतः सभी मतदाताओं से अपील है कि मतदान के समय उक्त दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज को साथ लायें, जिससे मतदान कार्य शान्तिपूर्वक एवं निष्पक्षता से सम्पन्न हो सके। इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि मतदाता पर्ची (यदि जारी की गई है) तो यह मतदान अनुमत करने के लिए मान्य दस्तावेज नहीं होगी।

ऽ मतदाता सहायताः
 राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचक नामावली में मतदाता से संबंधित प्रविष्टि यथा मतदाता का नाम, वार्ड नम्बर, मतदाता क्रमांक एवं मतदान बूथ आदि की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ैडै ळंजमूंल ैमतअपबम उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए मतदाता द्वारा मोबाईल नम्बर 7065051222 पर ैम्ब्  टव्ज्म्त् अंकित कर स्पेस के पश्चात् म्चपब छवअंकित कर ैडै भेजने पर ैडै के माध्यम से उसकी प्रविष्टि का विवरण प्राप्त हो जायेगा।

ऽ चुनाव कार्य हेतु नियोजित होने वाले कार्मिकों का विवरण
 9171 ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं पंच के निर्वाचन के लिए मतदान, मतगणना अन्य कार्याे हेतु लगभग 65,000 कार्मिकों को नियोजित किया जाएगा। मतदान एवं मतगणना दलों के गठन हेतु आयोग द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्मिकांे के रेण्डमाईजेशन (त्ंदकवउप्रंजपवद) के लिए साॅफ्टवेयर उपलबध कराया गया है। इस साॅफ्टवेयर के द्वारा मतदान एवं मतगणना दलों का गठन किया जाएगा। 
 
 मतदान दलों को दो स्तरीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल नियोजित किया जाएगा।

ऽ चुनाव प्रक्रिया के पर्यवेक्षण हेतु पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

 9171 ग्राम पंचायतों में पंच एवं सरपंच के निर्वाचन के लिए मतदान, मतगणना अन्य चुनाव संबंधी कार्याे के पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले के लिए आवश्यकतानुसार एक या अधिक पर्यवेक्षकों को नियोजित किया जाएगा। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाइम स्केल या इससे उच्चतर वेतन श्रृखंला के अधिकारी होंगे। चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सके इस हेतु पर्यवेक्षकों द्वारा चुनाव के प्रत्येक स्तर के साथ मुख्य रूप से मतदान एवं मतगणना कार्य का पर्यवेक्षण किया जाएगा।

ऽ चुनाव नियन्त्रण कक्ष (ब्वदजतवस त्ववउ) की स्थापना

 आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं आमजन द्वारा भी चुनाव संबंधी किसी भी गतिविधि के बारे में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित किये जायंेगे। यह नियन्त्रण कक्ष 24 ग् 7 (रात-दिन) लगातार कार्य करंेगे।

ऽ सरपंच पद का चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता की शर्त राज्य सरकार द्वारा समाप्त:-
 राज्य सरकार द्वारा राज. पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 19 में संशोधन किया गया है इस संशोधन की अधिसूचना दिनांक 22 फरवरी, 2019 जारी की गई है, जिसमें सरपंच पद का निर्वाचन लडने वाले अभ्यर्थियों के लिए वर्ष 2014 में लागू की गई शैक्षणिक योग्यता के प्रावधानों को हटा दिया गया है। इस संशोधन के बाद सरपंच पद के लिए शैक्षणिक योग्यता आवश्यक नहीं रह गई है। 

ऽ अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा

 चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव के दौरान वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग, कट आउटों, होर्डिग्स, पोस्टर एवं बैनरों के प्रदर्शन व इनसे संबंधित अन्य गतिविधियों को नियन्त्रण करने के लिए आयोग के आदेश दिनांक 02 दिसम्बर, 2019 द्वारा प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं। 

 लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए निर्वाचन अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करनी आवश्यक होगा एवं इसका प्रयोग रात्रि 10.00 बज से प्रातः 6.00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों के द्वारा निर्वाचन मंे प्रचार के लिए वाहनों की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है। इस हेतु संबंधित निर्वाचन अधिकारी से वाहन के सम्पूर्ण विवरण के साथ लिखित अनुमति प्राप्त करनी आवश्यक होगी। 

 इस आदेश में चुनाव के लिए इन मदों पर खर्च की सीमा में वृद्वि की गई है। इससे पूर्व खर्च की सीमा आयोग द्वारा वर्ष 2014 में रू. 20,000/- निर्धारित की गई थी, जिसे परिवर्तित कर रूपये 50,000/-निर्धारित किया गया हैं। इस खर्च का पूर्ण विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर विहित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।

ऽ दिव्यांगजन (च्मतेवद ूपजी क्पेंइपसपजपमे) मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा

 आयोग द्वारा दिव्यांगजन मतदाताओं के लिए मतदान केन्द्र पर विशेष सुविधा प्रदान करने के लिए अपने आदेश दिनांक 24.12.2019 द्वारा समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए गए हैं। इन निर्देशों में ऐसे मतदाताओं की मैंपिग करने, प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त करने दिव्यांगजनों को मतदान के लिए मतदान बूथ तक लाने एवं छोडने के निदेशों सहित मतदान केन्द्र पर सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश शामिल हैं।

ऽ आदर्श आचरण संहिता

 चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हंै, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेगें। आयोग द्वारा राज्य सरकार को आदर्श आचरण संहिता की प्रभावी पालना हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए हंै।

 संबंधित पंचायती राज संस्थाओं में विभिन्न विभागों के विकास कार्य जिसके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके हंै या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे हैं, वे सभी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। नई स्कीम, नए विकास कार्य एवं नए कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने के बाद पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगें। 

 चुनाव के लिए बडी मात्रा में कार्मिकों/अधिकारियों की आवश्यकता होगी, अतः समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों (आवश्यक सेवाओं को छोडकर) के स्थानान्तरण एवं पदस्थापन पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। यदि अपरिहार्य कारणों से स्थानान्तरण आवश्यक हो तो आवश्यकता एवं औचित्य के विवरण सहित प्रस्ताव प्राप्त होने पर तथा आयोग का इस संबंध में समाधान होने पर अनुमत किया जा सकेगा।

 भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ज्ञ के अन्तर्गत पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचनों के संचालन का दायित्व राज्य निर्वाचन आयोग में निहित है। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 119ठ के अनुसार चुनाव कार्य में नियोजित समस्त कर्मचारी/अधिकारी निर्वाचन के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्त समझे जायेंगे। यदि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा निर्वाचन से संबंधित अधिरोपित कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जाता है, तो उसके विरूद्व आयोग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। 

 सभी राजनैतिक दल, सभी अभ्यर्थी, सभी मतदाताओं एवं मीडिया से आयोग अपील करता है कि शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने में अपना पूरा-पूरा सहयोग प्रदान करें।

 


राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान
(द्वितीय तल, विकास खण्ड, सचिवालय, जयपुर)

पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव, 2020 - चुनाव कार्यक्रम
(पंच एवं सरपंच पद हेतु)

क्र.स. कार्य का विवरण प्रथम चरण द्वितीय चरण तृतीय चरण
1 जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियम 23 सपठित 56 के अन्तर्गत निर्वाचन की लोकसूचना जारी करने की तिथि  07.01.2020 (मंगलवार) 11.01.2020 (शनिवार) 18.01.2020 (शनिवार)
2 नाम निर्देषन पत्र प्रस्तुत करने की तिथि एवं समय 08.01.2020 (बुधवार)
प्रातः 10.30 से सांय 4़.30 तक 13.01.2020 (सोमवार)
प्रातः 10.30 से सांय 4़.30 तक 20.01.2020 (सोमवार)
प्रातः 10.30 से सांय 4़.30 तक
3 नाम निर्देषन पत्रों की संवीक्षा की तिथि एवं समय 09.01.2020 (गुरूवार)
प्रातः 10.30 से 14.01.2020 (मंगलवार)
प्रातः 10.30 से 21.01.2020 (मंगलवार)
प्रातः 10.30 से
4 नाम वापसी की अंतिम तारीख एवं समय 09.01.2020 (गुरूवार)
अपरान्ह 3.00 बजे तक 14.01.2020 (मंगलवार)
अपरान्ह 3.00 बजे तक 21.01.2020 (मंगलवार)
अपरान्ह 3.00 बजे तक
5 चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाषन  09.01.2020 (गुरूवार)
नाम वापसी का समय समाप्त होने के तुरन्त पश्चात् 14.01.2020 (मंगलवार)
नाम वापसी का समय समाप्त होने के तुरन्त पश्चात् 21.01.2020 (मंगलवार)
नाम वापसी का समय समाप्त होने के तुरन्त पश्चात्
6 मतदान दलों का प्रस्थान/पहुॅच  16.01.2020 (गुरूवार) 21.01.2020 (मंगलवार) 28.01.2020 (मंगलवार)
7 मतदान की तिथि एवं समय  17.01.2020 (शुक्रवार)
प्रातः 8.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक 22.01.2020 (बुधवार)
प्रातः 8.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक 29.01.2020 (बुधवार)
प्रातः 8.00 बजे से सांय 5.00 बजे तक
8 मतगणना 
(पंचायत मुख्यालय पर) 17.01.2020 (शुक्रवार)
मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात् 22.01.2020 (बुधवार)
मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात् 29.01.2020 (बुधवार)
मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात्
9 उपसरपंच का चुनाव  18.01.2020 (शनिवार)
 23.01.2020 (गुरूवार)
 30.01.2020 (गुरूवार)